IAS V/s Judge: यूपी में गरमाया IAS दुर्गा शक्ति नागपाल और जज शबीना खान का विवाद; हाईकोर्ट सख्त; जानिए 3 दशक पुरानी कंट्रोवर्सी

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने IAS अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल पर लगे एक सिविल जज को फोन कर प्रभावित करने के आरोपों को गंभीर माना है। गोंडा के पुराने भूमि विवाद से जुड़े मामले में कोर्ट ने प्रकरण को आपराधिक अवमानना के लिए उपयुक्त अदालत के समक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 24 August 2026, 11:37 AM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश की वरिष्ठ IAS अधिकारी और देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल एक बार फिर चर्चा में हैं। गोंडा के एक पुराने भूमि विवाद की सुनवाई कर रहीं सिविल जज शबीना खान ने जिला जज को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि कमिश्नर ने एक लंबित मुकदमे को लेकर उनसे फोन पर बातचीत की और कथित तौर पर अनुचित दबाव बनाया। इस प्रकरण पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने भी सख्त रुख अपनाया है।

जज ने जिला जज को लिखी थी चिट्ठी

जज शबीना खान के मुताबिक, 15 जुलाई को IAS दुर्गा शक्ति नागपाल की ओर से उन्हें फोन आया था। पत्र में न्यायिक अधिकारी ने बातचीत का विवरण देते हुए आरोप लगाया कि लंबित मुकदमे को लेकर उन पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। जज ने यह भी कहा कि बातचीत के दौरान उनके संस्कारों पर सवाल उठाए गए और मामले को हाईकोर्ट में ले जाने या दूसरी अदालत में स्थानांतरित कराने की बात कही गई।

पुराने जमीन विवाद से जुड़ा है मामला

यह मामला गोंडा में ज्योति विद्या मंदिर स्कूल और नगर पालिका परिषद के बीच वर्ष 1997 से चले आ रहे भूमि विवाद से जुड़ा है। विवादित जमीन नजूल भूमि है और मामले की सुनवाई गोंडा की सिविल जज (सीनियर डिवीजन) शबीना खान की अदालत में हो रही थी। बाद में जज के अनुरोध पर मुकदमा दूसरी सक्षम अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया।

हाईकोर्ट ने भी जताई गंभीर चिंता

मामले की सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कथित फोन कॉल और न्यायिक अधिकारी को प्रभावित करने की कोशिश को गंभीरता से लिया। अदालत ने प्रथमदृष्टया कहा कि किसी न्यायिक अधिकारी पर दबाव डालने का प्रयास न्यायपालिका की स्वतंत्रता और न्याय प्रशासन में बाधा डाल सकता है। कोर्ट ने मामले को आपराधिक अवमानना से जुड़े न्यायालय के समक्ष रखने के निर्देश भी दिए हैं।

आज 24 अगस्त को मामले पर नजर

मुकदमा दूसरी अदालत में ट्रांसफर किए जाने के बाद अब सभी की नजर 24 अगस्त की सुनवाई पर है। इस सुनवाई में मामले की आगे की दिशा को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। वहीं IAS अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल पर लगाए गए आरोपों को लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर उठे सवाल

इस पूरे विवाद ने प्रशासनिक अधिकारियों और न्यायपालिका के बीच अधिकारों की सीमा को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अधीनस्थ अदालतों के न्यायिक अधिकारियों को बिना भय, अपमान या दबाव के अपने दायित्व निभाने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और सुनवाई के नतीजे का इंतजार है।

Location :  Lucknow

Published :  24 August 2026, 11:37 AM IST