
आधी रात को बदला खाकी का चेहरा (Img- Pinterest)
Jaipur: मंगलवार की खामोश रात में राजस्थान सरकार ने प्रशासनिक गलियारे में एक ऐसी हलचल पैदा की, जिसने पूरे प्रदेश के पुलिस महकमे की तस्वीर बदल दी। इसे महज एक रूटीन तबादला सूची कहना जल्दबाजी होगी; असल में यह राज्य की सुरक्षा ग्रिड को पूरी तरह री-बूट करने का सरकार का मास्टरस्ट्रोक है।
18 अनुभवी आईपीएस अधिकारियों को ताश के पत्तों की तरह इस तरह री-अरेंज किया गया है ताकि बढ़ते संगठित अपराधों और यातायात की बदहाली पर सीधा प्रहार किया जा सके।
इस बदलाव का सबसे अहम हिस्सा पुलिसिंग के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। गृह रक्षा को नया जीवन देने के लिए तेजतर्रार आईपीएस अनिल पालीवाल को महानिदेशक एवं कमाण्डेन्ट जनरल (गृह रक्षा) नियुक्त किया गया है।
वहीं, सड़कों पर बेलगाम होती रफ्तार और बढ़ते हादसों पर लगाम कसने के लिए अनुभवी अधिकारी मालिनी अग्रवाल को महानिदेशक पुलिस (यातायात) की बेहद संवेदनशील जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार ने राज्य के दो बड़े आर्थिक और पर्यटन केंद्रों जयपुर और जोधपुर पर अपना सबसे बड़ा दांव खेला है। आईपीएस अंशुमन भोमिया को जोधपुर का नया पुलिस आयुक्त बनाकर सरकार ने अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है।
वहीं, राजधानी जयपुर की धड़कन कही जाने वाली ट्रैफिक और प्रशासनिक व्यवस्था को सुधारने के लिए आईपीएस प्रदीप मोहन शर्मा को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात एवं प्रशासन) का जिम्मा दिया गया है। अपराध शाखा को अभेद्य बनाने की जिम्मेदारी अब आईजी शरत कविराज के कंधों पर होगी।
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इस प्रशासनिक सर्जिकल स्ट्राइक का असर जिलों और सशस्त्र बलों में भी दिखेगा। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण और नवगठित जिलों में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए आईपीएस राजेश कुमार कांवट को एसपी बालोतरा और आईपीएस नरेंद्र सिंह मीणा को कमाण्डेन्ट, 10वीं बटालियन आरएसी, बीकानेर के पद पर भेजा गया है। साफ है कि सरकार अब ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है और यह नया खाका आने वाले दिनों में जमीन पर बड़ा बदलाव दिखाएगा।
Location : Jaipur
Published : 15 July 2026, 9:18 AM IST