मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू परिवार को मिली अंतरिम राहत, अब 30 अक्टूबर को होगी सुनवाई; जानिए कोर्ट में क्या हुआ

IRCTC होटल टेंडर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए। आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी न होने से अब अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2026 को होगी। जानिए पूरा मामला।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 October 2026, 1:42 PM IST

Patna: दिल्ली की चर्चित राउज एवेन्यू कोर्ट में शनिवार को IRCTC होटल टेंडर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपी व्यक्तिगत रूप से पेश हुए।

हालांकि, अदालत में शनिवार को औपचारिक रूप से आरोप (Charges) तय करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर 2026 की तारीख मुकर्रर की है।

9 आरोपियों पर दर्ज हैं आरोप, 7 हो चुके हैं डिस्चार्ज

इससे पहले 10 सितंबर को अदालत ने इस मामले में कुल 16 आरोपियों में से 9 के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धाराओं में आरोप तय करने का स्पष्ट निर्देश दिया था।

जिन प्रमुख लोगों पर आरोप तय होने हैं, उनमें लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, प्रेम चंद गुप्ता, सरला गुप्ता, सुजाता होटल्स के मालिक विनय और विजय कोचर तथा लारा प्रोजेक्ट्स कंपनी शामिल हैं। वहीं, कोर्ट ने साक्ष्यों की कमी के आधार पर 7 अन्य आरोपियों को इस मामले से पहले ही डिस्चार्ज कर दिया था।

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रेलवे के BNR होटलों के आवंटन से जुड़ा है विवाद

यह पूरा मामला 2004 से 2009 के दौरान का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की मूल एफआईआर के अनुसार, रेलवे के तहत आने वाले रांची और पुरी स्थित ऐतिहासिक BNR होटलों के रखरखाव और संचालन का ठेका सुजाता होटल्स नाम की निजी कंपनी को दिया गया था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली और अनियमितताएं बरती गईं।

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पटना की जमीन और कंपनी शेयर्स पर एजेंसियों का फोकस

प्रवर्तन निदेशालय (ED) का दावा है कि टेंडर के बदले पटना में एक बेहद कीमती जमीन और उससे जुड़ी कंपनी के शेयर्स बेहद कम दामों में हस्तांतरित किए गए। आगे चलकर इस जमीन और कंपनी का मालिकाना हक राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के नियंत्रण वाली फर्म को मिल गया। ईडी इन संपत्तियों को कथित अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) मानकर जांच कर रही है, हालांकि लालू परिवार इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है।

Location :  Patna

Published :  3 October 2026, 1:42 PM IST