‘सड़क बनाओ, तभी उतरूंगा’: जर्जर रास्ते से तंग आकर मोबाइल टावर पर चढ़ा सिरफिरा युवक, प्रशासन के छूटे पसीने

बिहार के मुजफ्फरपुर में जर्जर सड़क से परेशान होकर कृष्णा पासवान नाम का युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। उसने मांग रखी कि सड़क बनने का ठोस आश्वासन मिलने पर ही वह नीचे उतरेगा। घंटों चले ड्रामे के बाद प्रशासन ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 12 September 2026, 12:00 PM IST

Muzaffarpur: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है, जिसने व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। मोतीपुर प्रखंड की पकड़ी पंचायत के बड़ा बैजनाथ गांव में बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे एक युवक का सब्र आखिरकार जवाब दे गया।

लंबे समय से गांव की खस्ताहाल सड़क को बनवाने की गुहार लगा रहे कृष्णा पासवान नाम के युवक ने अपनी बात आला अफसरों तक पहुंचाने के लिए 'शोले स्टाइल' का अनोखा तरीका अपनाया। शुक्रवार की शाम जब सरकारी नुमाइंदे अपने दफ्तरों से निकल रहे थे, तब कृष्णा गांव के ही एक ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ बैठा और जोर-जोर से चिल्लाने लगा "सड़क बनवाओ, तभी नीचे आऊंगा।"

जनता की लाचारी और हुक्मरानों की बेरुखी

गांव की मुख्य सड़क सालों से जर्जर हालत में है, जिससे हर मौसम में ग्रामीणों का जीना दूभर हो जाता है। खासकर बारिश के दिनों में यह सड़क गड्ढों और कीचड़ का रूप ले लेती है, जिससे स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों, बीमार बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं की जान जोखिम में पड़ जाती है।

कृष्णा पासवान ने इस सड़क की मरम्मत के लिए स्थानीय मुखिया, पंचायत समिति सदस्य से लेकर वार्ड सदस्यों के कई चक्कर काटे, लेकिन हर बार उसे सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले। जब सारे प्रयास बेकार साबित हुए, तो उसने अपनी जान जोखिम में डालकर व्यवस्था को जगाने का फैसला किया।

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हड़कंप, भीड़ और प्रशासन के हाथ-पांव फूले

जैसे ही ग्रामीणों ने कृष्णा को मोबाइल टावर की चोटी पर देखा, पूरे गांव में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते टावर के नीचे सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोग नीचे से ही चिल्लाकर कृष्णा से वापस उतरने की मिन्नतें करने लगे, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ा रहा।

घटना की खबर मिलते ही मोतीपुर के बीडीओ अरविंद कुमार गुप्ता और बरुराज थाना अध्यक्ष कुनाल कुमार कश्यप दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के लिए सबसे पहली चुनौती युवक को सुरक्षित नीचे उतारना था, क्योंकि ज़रा सी चूक किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती थी।

आश्वासन के बाद उतरा युवक, तात्कालिक राहत का वादा

प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी मशक्कत और मान-मनोव्वल के बाद कृष्णा को समझाया कि उसकी समस्या पर तुरंत ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों के भरोसे के बाद युवक सुरक्षित नीचे आया, तब जाकर पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

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बीडीओ ने बताया कि यह सड़क पंचायत के अधिकार क्षेत्र में न होकर विभागीय सड़क है। इसकी पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी (DM) और एसडीएम (SDM) को भेजी जा रही है। वहीं, ग्रामीणों को फौरी राहत देने के लिए सड़क पर तत्काल मिट्टी और मोरम डालकर उसे चलने लायक बनाने का काम शुरू करने की बात कही गई है।

Location :  Muzaffarpur

Published :  12 September 2026, 12:00 PM IST