Bharat Tiwari Encounter: FIR के बावजूद नई जिम्मेदारी! भरत तिवारी एनकाउंटर केस के आरोपी SDPO की पोस्टिंग ने उठाए सवाल

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में नामजद SDPO राजेश कुमार शर्मा को बिहार सरकार ने नई पोस्टिंग दे दी है। इस फैसले के बाद एक बार फिर पूरे मामले को लेकर सवाल उठने लगे हैं। परिवार पहले से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 1 July 2026, 8:09 PM IST

Patna: बिहार के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद तत्कालीन जगदीशपुर SDPO राजेश कुमार शर्मा को बिहार सरकार ने नई जिम्मेदारी सौंप दी है। सरकार के इस फैसले के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

राजेश कुमार शर्मा को पहले विवाद बढ़ने के बाद जगदीशपुर से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किया गया था। अब उनकी तैनाती मद्य निषेध विभाग में कर दी गई है। बिहार पुलिस की ओर से इसकी अधिसूचना भी जारी की गई है।

क्या है पूरा मामला?

17 जून को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बेलौटी गांव में पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई थी। पुलिस का कहना था कि टीम पर खतरा होने के कारण आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी और गोली भरत तिवारी के पैर में लगी थी। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

इस घटना के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। मृतक के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे फर्जी एनकाउंटर बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की। इसी मामले में तत्कालीन SDPO राजेश कुमार शर्मा सहित अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।

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परिवार की मांग अब भी वही

भरत तिवारी के परिजनों का कहना है कि उन्हें किसी तरह के आर्थिक मुआवजे या राजनीतिक आश्वासन की आवश्यकता नहीं है। उनकी मांग केवल इतनी है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। परिवार का कहना है कि जांच एजेंसी बिना किसी दबाव के सभी तथ्यों की पड़ताल करे और अगर कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

नई पोस्टिंग पर उठे सवाल

राजेश कुमार शर्मा की नई पोस्टिंग ऐसे समय में हुई है जब एनकाउंटर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठ रही है। ऐसे में इस फैसले को लेकर कई तरह के सवाल सामने आ रहे हैं। हालांकि सरकार या पुलिस विभाग की ओर से नई तैनाती को लेकर कोई अलग से विस्तृत टिप्पणी नहीं की गई है। प्रशासनिक हलकों में इसे नियमित प्रक्रिया बताया जा रहा है, जबकि मामले को लेकर चर्चा इसलिए भी तेज है क्योंकि संबंधित अधिकारी पहले से जांच के दायरे में हैं।

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जांच पर टिकी सबकी नजर

भरत तिवारी एनकाउंटर मामला अभी भी जांच के दायरे में है। पुलिस अपने पक्ष पर कायम है कि कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई थी, जबकि परिजन इस दावे को स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

Location :  Patna

Published :  1 July 2026, 8:09 PM IST