
प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest)
Aurangabad: बिहार के औरंगाबाद जिले में एक बार फिर भीड़ तंत्र (मॉब लिंचिंग) द्वारा कानून अपने हाथ में लेने की दर्दनाक वारदात सामने आई है। मदनपुर थाना क्षेत्र के कचहरी रोड पर मंगलवार देर रात घटित इस घटना ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है।
मदनपुर के ही रहने वाले जितेंद्र प्रसाद के 28 वर्षीय बेटे विकास कुमार को ग्रामीणों ने इतनी बेरहमी से पीटा कि उसने इलाज से पहले ही दम तोड़ दिया। यह घटना सवाल उठाती है कि आखिर कब तक कानून को ताक पर रखकर भीड़ खुद ही ऑन-द-स्पॉट इंसाफ करती रहेगी?
मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात विकास कुमार अचानक गांव के ही एक मकान में दाखिल हो गया था। अनजान व्यक्ति को आधी रात घर में देखकर परिजनों ने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। शोर सुनते ही आसपास के आक्रोशित लोग भारी संख्या में इकट्ठा हो गए।
माहौल इतना उग्र हो गया कि बिना हकीकत जाने या पुलिस को सूचना दिए, भीड़ ने युवक पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। अंधाधुंध पिटाई से विकास वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना की खबर मिलते ही मदनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लहूलुहान हालत में विकास को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले गई। हालांकि, डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद ही उसे मृत घोषित कर दिया। बुधवार सुबह पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया।
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मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस मुस्तैद हो गई है। मदनपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि घटना के असली कारणों और उग्र भीड़ को उकसाने वाले मुख्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है और इस वारदात में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Location : Aurangabad
Published : 30 September 2026, 9:48 AM IST
Topics : Aurangabad News Bihar News crime news