साख’ की ओट में ‘धोखाधड़ी’: ग्राहकों की गाढ़ी कमाई लूटने वाले NBFC के दो प्रबंधकों सहित तीन पर FIR

झारखंड के देवघर से भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। जिसमे गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) के भीतर चल रहे भ्रष्टाचार के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है। दो प्रबंधकों सहित तीन कर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 27 April 2026, 3:37 PM IST

Deoghar (Jharkhand): देवघर जनपद में एक प्रतिष्ठित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) के भीतर चल रहे भ्रष्टाचार के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है। नगर थाना क्षेत्र के हीरो फिनकॉर्प कार्यालय में कार्यरत जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों द्वारा उपभोक्ताओं के विश्वास को छलने का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने इस प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो प्रबंधकों सहित तीन कर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।

षड्यंत्र का ताना-बाना

जांच में यह तथ्य उभरकर सामने आया है कि आरोपियों ने दोपहिया वाहनों के ऋण की किस्तों को कंपनी के अधिकृत खाते में जमा करने के बजाय, कूटनीतिक रूप से अपने निजी खातों में स्थानांतरित कर लिया। ग्राहकों को लुभाने के लिए उन्हें अल्प ब्याज दर और आसान किस्तों का प्रलोभन दिया गया था। जैसे ही भोली-भाली जनता अपनी किस्तों का भुगतान करने कार्यालय पहुँचती, ये कर्मी उस राशि का गबन कर जाते।

पीड़ितों की संख्या और गबन की मात्रा

अब तक की जांच में यह सामने आया है कि लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। वर्तमान में कई पीड़ितों ने एकजुट होकर पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़ितों में मुख्य रूप से मुमताज अंसारी, शिवनारायण शर्मा, जमालुद्दीन अंसारी , शिवेंद्र मंडल  और मुरारी राउत । इसके अतिरिक्त गुलाब रवानी, दाननीनाथ मंडल और सरोज कुमार जैसे कई अन्य नागरिक भी इस ठगी का शिकार हुए हैं।

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कानूनी कार्रवाई और पुलिसिया रुख

एस.पी. के कड़े निर्देशों के पश्चात नगर थाना पुलिस ने कांड संख्या के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस गिरोह के एक सक्रिय सदस्य, रेहान अंसारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि, मुख्य आरोपी प्रबंधक पुष्प रंजन झा और महिला कर्मी नेहा कुमारी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी हेतु संभावित ठिकानों पर सघन छापेमारी की जा रही है।

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क्या है  पीड़ितों की मांग

धोखाधड़ी के शिकार हुए लोगों ने जिला प्रशासन से दो प्रमुख मांगें रखी हैं । गबन की गई राशि की अविलंब वसूली सुनिश्चित की जाए। जब तक जांच पूर्ण नहीं हो जाती, तब तक कंपनी द्वारा ऋण अदायगी (EMIs) के लिए दिए जा रहे मानसिक और कानूनी दबाव पर रोक लगाई जाए।

Location :  Jharkhand

Published :  27 April 2026, 12:43 PM IST