प्रयागराज की गंगा में उतरता है 21 साल का ये युवक, कांच और जहरीले सांप भी नहीं रोक पाते सफाई का जुनून

प्रयागराज के 21 वर्षीय शिवम कुमार ने गंगा सफाई को अपना मिशन बना लिया है। पिछले एक साल से वह रोज नदी में उतरकर कचरा निकाल रहे हैं। टूटे कांच और सांपों के खतरे के बीच भी उनका सफाई अभियान जारी है। आर्थिक परेशानी के बावजूद शिवम रोजगार की तलाश कर रहे हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 15 September 2026, 3:28 PM IST

Prayagraj:  प्रयागराज के 21 वर्षीय शिवम कुमार इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। वजह है उनका ऐसा जुनून, जिसे देखकर लोग हैरान हैं। शिवम ने गंगा नदी की सफाई को अपना मिशन बना लिया है। पिछले करीब एक साल से वह रोजाना गंगा किनारे और नदी के पानी में उतरकर कचरा निकालते हैं। खास बात यह है कि इस काम के लिए उनके पास न कोई बड़ी टीम है और न ही पर्याप्त सुरक्षा उपकरण।

कांच के टुकड़ों के बीच घंटों करते हैं सफाई

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में शिवम गंगा में उतरकर प्लास्टिक, टूटी बोतलें, गत्ते के डिब्बे, पुराने कपड़े और खाने का कचरा निकालते दिखाई देते हैं। कई जगहों पर नदी के किनारे और पानी में टूटे कांच के टुकड़े बिखरे नजर आते हैं। इसके बावजूद शिवम बिना डरे सफाई का काम जारी रखते हैं।

बताया गया है कि वह सिर्फ रबर के दस्ताने और पैरों में चप्पल पहनकर नदी में उतरते हैं। ऐसे में उनका यह काम जोखिम से भरा हुआ है।

जहरीले सांपों के बीच भी नहीं रुके शिवम

शिवम की कहानी को और चौंकाने वाला बनाते हैं वे वीडियो, जिनमें उनके आसपास पानी में सांप तैरते दिखाई देते हैं। जहरीले सांपों और कांच के टुकड़ों के खतरे के बावजूद शिवम नदी से कचरा निकालते रहते हैं।

उनका कहना है कि गंगा की सफाई उनके लिए सिर्फ कोई अभियान नहीं, बल्कि रोज की लड़ाई है। नदी में जमा प्रदूषण सिर्फ इंसानों के लिए नहीं, बल्कि उसमें रहने वाले जीव-जंतुओं के लिए भी खतरा है। इसी सोच के साथ वह लगातार सफाई में जुटे हैं।

सफाई के साथ रोजगार की भी तलाश

शिवम की जिंदगी की दूसरी चुनौती आर्थिक समस्या है। वह गंगा की सफाई जारी रखना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए आय का कोई जरिया भी जरूरी है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में वह दुकानों पर जाकर रोजगार मांगते हुए दिखाई देते हैं।

उनका कहना है कि सफाई उनका जुनून है और गंगा की सेवा करना वह अपना कर्तव्य मानते हैं। ऐसे में वह चाहते हैं कि उन्हें कोई काम मिल जाए, जिससे वह अपना खर्च चला सकें और गंगा की सफाई भी जारी रख सकें।

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सोशल मीडिया पर लोगों ने की जमकर तारीफ

इंस्टाग्राम पर @mb_vlog_activa हैंडल से शेयर किए गए वीडियो के बाद शिवम की कहानी तेजी से लोगों तक पहुंची। यूजर्स ने उनके साहस और समर्पण की तारीफ की। कई लोगों ने उन्हें देश की युवा शक्ति का उदाहरण बताया, जबकि कुछ यूजर्स ने उनकी मदद करने की इच्छा भी जताई।

एक यूजर ने स्वच्छता को केवल सड़कों तक सीमित न रखने और लोगों के भीतर व बाहर की समस्याओं को दूर करने की जरूरत बताई। वहीं, दूसरे यूजर ने Gen-Z के पर्यावरण संरक्षण में आगे आने की बात कही।

बिट्टू तबाही की कहानी से जुड़ा एक और नाम

शिवम की कहानी ने मध्य प्रदेश के बिट्टू तबाही की याद भी ताजा कर दी है, जिन्होंने अजनार नदी की सफाई का बीड़ा उठाया था। नदी की सफाई के लिए युवाओं का इस तरह आगे आना अब सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है।

युवा डाइनामाइट न्यूज़: प्रयागराज के शिवम कुमार की कहानी बताती है कि संसाधन सीमित होने के बावजूद किसी मिशन के लिए जुनून और हिम्मत इंसान को लगातार आगे बढ़ने की ताकत दे सकती है।

Location :  Prayagraj

Published :  15 September 2026, 3:28 PM IST