जानें कौन थीं केरल की चिन्नू पप्पू उर्फ रेश्मा? इन्फ्लुएंसर की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप जानिये क्यों मचा हड़कंप

केरल के कासरगोड की सोशल मीडिया क्रिएटर चिन्नू पप्पू उर्फ रेश्मा का 24 साल की उम्र में निधन हो गया। गांव की सादगी और लोकल संस्कृति दिखाने वाली इस डिजिटल आवाज के अचानक चले जाने से फॉलोअर्स और स्थानीय लोग सदमे में हैं।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 10 February 2026, 6:03 PM IST

New Delhi: सोशल मीडिया की चमक-दमक के बीच कभी-कभी ऐसी खबर सामने आती है, जो पूरे डिजिटल समाज को सन्न कर देती है। केरल के कासरगोड जिले की जानी-मानी सोशल मीडिया क्रिएटर चिन्नू पप्पू की अचानक मौत ने कुछ ऐसा ही असर छोड़ा है। जिन वीडियो में गांव की सादगी, लोकल खाना और शांत जीवनशैली झलकती थी, उसी चेहरे के यूं चले जाने से फॉलोअर्स और स्थानीय लोग गहरे सदमे में हैं।

कौन थीं चिन्नू पप्पू?

चिन्नू पप्पू, जिनका असली नाम रेश्मा था, कासरगोड जिले के अधूर गांव से ताल्लुक रखती थीं। महज 24 साल की उम्र में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी एक अलग पहचान बना ली थी। रेश्मा अपने कैमरे के जरिए गांव की रोजमर्रा की जिंदगी, लोकल सब्जियां, घरेलू खाना और ग्रामीण संस्कृति को बेहद सहज अंदाज में पेश करती थीं। इंस्टाग्राम पर उनके 2.06 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे, जो उन्हें इलाके की लोकप्रिय डिजिटल क्रिएटर बनाते थे।

किराए के मकान में मिलीं मृत

सोमवार दोपहर रेश्मा कासरगोड के उलियाथडका इलाके में अपने किराए के मकान में मृत पाई गईं। पड़ोसियों को जब घर से कोई हलचल नहीं दिखी तो शक हुआ। सूचना मिलने पर उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोपहर करीब 2 बजे उनके माता-पिता को इसकी जानकारी दी। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

निजी जिंदगी में चल रहा था मुश्किल दौर

परिवार से जुड़े लोगों के मुताबिक रेश्मा ने प्रेम विवाह किया था, लेकिन यह रिश्ता उनकी मौत से महज एक महीने पहले ही टूट गया था। हाल ही में उनका तलाक हुआ था, जिसका असर उनकी निजी जिंदगी पर साफ दिख रहा था। रेश्मा का एक चार साल का बच्चा है, जो फिलहाल उनके माता-पिता के साथ अधूर गांव में रह रहा है।

शांत स्वभाव और काम के प्रति समर्पण

पड़ोसियों और दोस्तों का कहना है कि तलाक के बाद भी रेश्मा अपने काम पर फोकस कर रही थीं। वह ज्यादा घुलने-मिलने वाली नहीं थीं, लेकिन अपने कंटेंट को लेकर काफी गंभीर थीं। सोशल मीडिया उनके लिए सिर्फ पहचान नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का जरिया भी था। उनकी अचानक मौत ने परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके को गहरे शोक में डाल दिया है।

ग्रामीण संस्कृति की बनीं पहचान

चिन्नू पप्पू को सोशल मीडिया पर खासतौर पर ग्रामीण जीवन को सेलिब्रेट करने वाली क्रिएटर के रूप में जाना जाता था। उनके वीडियो में कासरगोड और आसपास के कम चर्चित इलाकों की झलक मिलती थी। तुलु भाषा में उनकी सहज बातचीत और सादगी लोगों को उनसे जोड़ती थी। यही वजह है कि उनकी मौत की खबर ने सोशल मीडिया पर भी भावनाओं का सैलाब ला दिया।

आखिरी पोस्ट ने रुलाया

रेश्मा ने मौत से छह दिन पहले अपना आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट शेयर किया था, जिसमें वह एक स्थानीय हरी सब्जी के बारे में बात कर रही थीं। इस वीडियो को करीब 6 हजार लाइक्स मिले थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी झलक होगी। साथी कंटेंट क्रिएटर्स और फॉलोअर्स ने सोशल मीडिया पर शोक जताते हुए कहा कि कैमरे पर मुस्कुराने वाली यह आवाज इतनी जल्दी खामोश हो जाएगी, यह सोचना भी मुश्किल है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 10 February 2026, 6:03 PM IST

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