काशी के मणिकर्णिका घाट पर कथित तौर पर मंदिर टूटने के मामले में AAP मैनपुरी ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी ने पुनर्निर्माण और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की अपील करते हुए इसे आस्था और विरासत से जुड़ा विषय बताया।

Mainpuri: काशी के पावन मणिकर्णिका घाट पर प्राचीन और पौराणिक मंदिरों को कथित रूप से तोड़े जाने के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) मैनपुरी इकाई ने इस प्रकरण को गंभीर बताते हुए राष्ट्रपति को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यह न केवल धार्मिक आस्था पर चोट है, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत के साथ भी खिलवाड़ है।
AAP नेताओं ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि मणिकर्णिका घाट पर स्थित कई प्राचीन मंदिरों को प्रशासनिक कार्रवाई के नाम पर ध्वस्त किया गया, जबकि इसके लिए न तो जनभावनाओं का सम्मान किया गया और न ही पारदर्शिता बरती गई। पार्टी का कहना है कि मणिकर्णिका घाट सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां हर दिन हजारों लोग पहुंचते हैं।
पार्टी ने मांग की है कि जिन मंदिरों को तोड़ा गया है, उनका शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाए और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
AAP मैनपुरी इकाई का कहना है कि धार्मिक स्थलों के संरक्षण की जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की है। यदि ऐसे पवित्र स्थलों के साथ मनमानी होती रही, तो इससे समाज में असंतोष और आक्रोश बढ़ेगा। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यदि मामले में जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वह जनआंदोलन का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेगी।
Mainpuri: काशी के पावन मणिकर्णिका घाट पर प्राचीन और पौराणिक मंदिरों को कथित रूप से तोड़े जाने के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) मैनपुरी इकाई ने इस प्रकरण को गंभीर बताते हुए राष्ट्रपति को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यह न केवल धार्मिक आस्था पर चोट है, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत के साथ भी खिलवाड़ है।
AAP नेताओं ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि मणिकर्णिका घाट पर स्थित कई प्राचीन मंदिरों को प्रशासनिक कार्रवाई के नाम पर ध्वस्त किया गया, जबकि इसके लिए न तो जनभावनाओं का सम्मान किया गया और न ही पारदर्शिता बरती गई। पार्टी का कहना है कि मणिकर्णिका घाट सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां हर दिन हजारों लोग पहुंचते हैं।
पार्टी ने मांग की है कि जिन मंदिरों को तोड़ा गया है, उनका शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाए और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
AAP मैनपुरी इकाई का कहना है कि धार्मिक स्थलों के संरक्षण की जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की है। यदि ऐसे पवित्र स्थलों के साथ मनमानी होती रही, तो इससे समाज में असंतोष और आक्रोश बढ़ेगा। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यदि मामले में जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वह जनआंदोलन का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेगी।