
Ayodhya: भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में आध्यात्मिक आस्था और भक्ति का महापर्व आरंभ हो गया है। कार्तिक मास की नवमी तिथि के पावन अवसर पर गुरुवार, 30 अक्टूबर को 14 कोसी परिक्रमा का शुभारंभ हुआ, जिसमें देशभर से आए लाखों श्रद्धालु सम्मिलित हुए।
सुबह सरयू नदी में पवित्र स्नान के बाद श्रद्धालु नंगे पैर 14 कोस की परिक्रमा यात्रा पर निकले। भजन-कीर्तन और ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से पूरी अयोध्या नगरी भक्तिमय वातावरण में डूबी रही। श्रद्धालु भगवान विष्णु और भगवान राम का ध्यान करते हुए परिक्रमा मार्ग पर आगे बढ़ते रहे।
यह परिक्रमा अयोध्या की धार्मिक परंपरा और सनातन आस्था का प्रतीक मानी जाती है। प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं - जगह-जगह चिकित्सा शिविर, पानी और प्रसाद वितरण केंद्र बनाए गए हैं।
स्थानीय साधु-संतों और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने मान्यता के अनुसार यह कामना की कि परिक्रमा पूर्ण करने से उनके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का आगमन हो।
Ayodhya: भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में आध्यात्मिक आस्था और भक्ति का महापर्व आरंभ हो गया है। कार्तिक मास की नवमी तिथि के पावन अवसर पर गुरुवार, 30 अक्टूबर को 14 कोसी परिक्रमा का शुभारंभ हुआ, जिसमें देशभर से आए लाखों श्रद्धालु सम्मिलित हुए।
सुबह सरयू नदी में पवित्र स्नान के बाद श्रद्धालु नंगे पैर 14 कोस की परिक्रमा यात्रा पर निकले। भजन-कीर्तन और ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से पूरी अयोध्या नगरी भक्तिमय वातावरण में डूबी रही। श्रद्धालु भगवान विष्णु और भगवान राम का ध्यान करते हुए परिक्रमा मार्ग पर आगे बढ़ते रहे।
यह परिक्रमा अयोध्या की धार्मिक परंपरा और सनातन आस्था का प्रतीक मानी जाती है। प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं - जगह-जगह चिकित्सा शिविर, पानी और प्रसाद वितरण केंद्र बनाए गए हैं।
स्थानीय साधु-संतों और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने मान्यता के अनुसार यह कामना की कि परिक्रमा पूर्ण करने से उनके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का आगमन हो।
Location : Ayodhya
Published : 31 October 2025, 3:40 PM IST