
Lucknow: उत्तर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री अरुण सक्सेना ने हाल ही में प्रदूषण और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर बयान दिया। मंत्री ने बताया कि उत्तर भारत, विशेषकर यूपी और लखनऊ में, इस वक्त एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) करीब 200 के आसपास है, जो खतरनाक श्रेणी में आता है। इस पर उनके विभाग द्वारा किए गए उपायों की जानकारी देते हुए अरुण सक्सेना ने कहा, “हमारे विभाग के प्रयासों से इस बार प्रदूषित हवा ज्यादा समय तक बनी नहीं रही। हमने कुछ ही दिनों में इस पर काबू पा लिया है।"
मंत्री ने यह भी कहा कि हवा की गुणवत्ता केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पंजाब, दिल्ली, एनसीआर, बिहार, और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी खराब रहती है। इस समस्या की मुख्य वजह हर साल दिवाली के दौरान होती है जब हवा में दबाव बढ़ जाता है, जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि यह एक साप्ताहिक या मौसमी समस्या बन चुकी है, लेकिन हर साल इस पर नियंत्रण पाने के लिए विभाग कार्यरत रहता है।
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मंत्री ने आगे कहा, “हम लगातार हवा की गुणवत्ता पर निगरानी रखते हैं और समय-समय पर विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं ताकि प्रदूषण का असर लंबे समय तक न रहे।” उन्होंने माना कि स्थिति अब पहले के मुकाबले बेहतर हुई है और विभाग की सक्रियता से प्रदूषण को नियंत्रित करने में काफी सफलता मिली है।
Lucknow: उत्तर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री अरुण सक्सेना ने हाल ही में प्रदूषण और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर बयान दिया। मंत्री ने बताया कि उत्तर भारत, विशेषकर यूपी और लखनऊ में, इस वक्त एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) करीब 200 के आसपास है, जो खतरनाक श्रेणी में आता है। इस पर उनके विभाग द्वारा किए गए उपायों की जानकारी देते हुए अरुण सक्सेना ने कहा, “हमारे विभाग के प्रयासों से इस बार प्रदूषित हवा ज्यादा समय तक बनी नहीं रही। हमने कुछ ही दिनों में इस पर काबू पा लिया है।"
मंत्री ने यह भी कहा कि हवा की गुणवत्ता केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पंजाब, दिल्ली, एनसीआर, बिहार, और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी खराब रहती है। इस समस्या की मुख्य वजह हर साल दिवाली के दौरान होती है जब हवा में दबाव बढ़ जाता है, जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि यह एक साप्ताहिक या मौसमी समस्या बन चुकी है, लेकिन हर साल इस पर नियंत्रण पाने के लिए विभाग कार्यरत रहता है।
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मंत्री ने आगे कहा, “हम लगातार हवा की गुणवत्ता पर निगरानी रखते हैं और समय-समय पर विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं ताकि प्रदूषण का असर लंबे समय तक न रहे।” उन्होंने माना कि स्थिति अब पहले के मुकाबले बेहतर हुई है और विभाग की सक्रियता से प्रदूषण को नियंत्रित करने में काफी सफलता मिली है।
Location : Lucknow
Published : 4 November 2025, 7:56 PM IST