
New Delhi: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हैं। गुरूवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रामपुर जिला जेल में पार्टी नेता आजम खान से मुलाकात की। अखिलेश ने आजम के बेटे से भी मुलाकात की। जेल से बाहर आने के बाद अखिलेश ने कहा कि उनका लक्ष्य भाजपा को हराना है। गत दिनों ओवैसी के दौरे और उनके के बयान पर अखिलेश ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अखिलेश और आजम खान की जेल में हुई इस मुलाकात से यूपी की सियासत गरमा गई। इस मुलाकात के कई राजनीतिक मायने निकाल जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई। इस मुलाकात को 2027 के विधानसभा चुनाव और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, चुनावी रणनीति या सीटों को लेकर किसी अंतिम फैसले की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
समाजवादी पार्टी लगातार आजम खान और उनके परिवार के खिलाफ हुई कार्रवाई को राजनीतिक अन्याय बताती रही है। रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में आजम खान का लंबे समय से राजनीतिक प्रभाव रहा है। ऐसे में अखिलेश यादव की उनसे मुलाकात को पार्टी और उनके समर्थकों के बीच संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल मुलाकात में हुई बातचीत का पूरा ब्योरा सामने नहीं आया है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि इस मुलाकात का सपा की चुनावी तैयारियों और संगठन पर क्या असर पड़ता है।
डाइनामाइट न्यूज़ के स्टूडियो में इस राजनीतिक हलचल पर गहन चर्चा की गई। शो का संचालन स्टूडियो से सुभाष रतूड़ी (एग्जीक्यूटिव एडिटर), कोमल चौहान (राजनीतिक विश्लेषक) ने किया। इस दौरान रामपुर से सुरेश कुमार, बरेली से फज़ल-उल-रहमान और दिल्ली से मयंक तंवर की रिपोर्टिंग के जरिए पूरे घटनाक्रम के सियासी नफे-नुकसान का आंकलन किया गया। आने वाले दिनों में यह दलबदल चुनाव के नतीजों को कितना प्रभावित करेगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं। पूरी चर्चा को आप यहां वीडियो में देख सकते हैं।
New Delhi: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हैं। गुरूवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रामपुर जिला जेल में पार्टी नेता आजम खान से मुलाकात की। अखिलेश ने आजम के बेटे से भी मुलाकात की। जेल से बाहर आने के बाद अखिलेश ने कहा कि उनका लक्ष्य भाजपा को हराना है। गत दिनों ओवैसी के दौरे और उनके के बयान पर अखिलेश ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अखिलेश और आजम खान की जेल में हुई इस मुलाकात से यूपी की सियासत गरमा गई। इस मुलाकात के कई राजनीतिक मायने निकाल जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई। इस मुलाकात को 2027 के विधानसभा चुनाव और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, चुनावी रणनीति या सीटों को लेकर किसी अंतिम फैसले की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
समाजवादी पार्टी लगातार आजम खान और उनके परिवार के खिलाफ हुई कार्रवाई को राजनीतिक अन्याय बताती रही है। रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में आजम खान का लंबे समय से राजनीतिक प्रभाव रहा है। ऐसे में अखिलेश यादव की उनसे मुलाकात को पार्टी और उनके समर्थकों के बीच संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल मुलाकात में हुई बातचीत का पूरा ब्योरा सामने नहीं आया है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि इस मुलाकात का सपा की चुनावी तैयारियों और संगठन पर क्या असर पड़ता है।
डाइनामाइट न्यूज़ के स्टूडियो में इस राजनीतिक हलचल पर गहन चर्चा की गई। शो का संचालन स्टूडियो से सुभाष रतूड़ी (एग्जीक्यूटिव एडिटर), कोमल चौहान (राजनीतिक विश्लेषक) ने किया। इस दौरान रामपुर से सुरेश कुमार, बरेली से फज़ल-उल-रहमान और दिल्ली से मयंक तंवर की रिपोर्टिंग के जरिए पूरे घटनाक्रम के सियासी नफे-नुकसान का आंकलन किया गया। आने वाले दिनों में यह दलबदल चुनाव के नतीजों को कितना प्रभावित करेगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं। पूरी चर्चा को आप यहां वीडियो में देख सकते हैं।
Location : New Delhi
Published : 22 October 2026, 8:50 PM IST