
Greater Noida: ग्लोबल इन्वेस्टमेंट और चमचमाती बहुमंजिला इमारतों के लिए मशहूर ग्रेटर नोएडा की नींव में आज एक बड़ा किसान विद्रोह आकार ले रहा है। शुक्रवार (17 जुलाई) को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर के बाहर हजारों की संख्या में जुटे किसानों ने यह साबित कर दिया है कि जिस 'विकास मॉडल' की ब्रांडिंग सरकार कर रही है, उसकी असलियत कितनी खोखली है। यह महापंचायत महज जमीनों के मुआवजे की नहीं, बल्कि अपनी ही मिट्टी पर बेगाने कर दिए गए भूमिपुत्रों के अस्तित्व की लड़ाई है।
इस आंदोलन का सबसे नया और तीखा कोण राजनीतिक है। किसान नेता डॉ. रुपेश वर्मा के इस बयान ने सत्ता के गलियारों में खलबली मचा दी है कि "भाजपा से अच्छी तो अखिलेश यादव की सरकार थी।" किसानों का खुला आरोप है कि मौजूदा सरकार में केवल प्रशासनिक तानाशाही चल रही है और उनकी लोकतांत्रिक आवाज को पुलिस के दम पर कुचला जा रहा है। यह नाराजगी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा के वोट बैंक के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
किसान सभा और किसान एकता संघ के बैनर तले जुटे किसान 10% विकसित प्लॉट और नए भूमि अधिग्रहण से जुड़े बुनियादी हक मांग रहे हैं। किसान नेता जगबीर नंबरदार के मुताबिक, सरकार केवल खोखले वादे कर किसानों का शोषण कर रही है। तनाव को देखते हुए पुलिस ने प्राधिकरण दफ्तर को छावनी में बदल दिया है, लेकिन किसानों के तेवर साफ कर रहे हैं कि अब वे बिना अधिकार लिए पीछे नहीं हटने वाले।
Greater Noida: ग्लोबल इन्वेस्टमेंट और चमचमाती बहुमंजिला इमारतों के लिए मशहूर ग्रेटर नोएडा की नींव में आज एक बड़ा किसान विद्रोह आकार ले रहा है। शुक्रवार (17 जुलाई) को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर के बाहर हजारों की संख्या में जुटे किसानों ने यह साबित कर दिया है कि जिस 'विकास मॉडल' की ब्रांडिंग सरकार कर रही है, उसकी असलियत कितनी खोखली है। यह महापंचायत महज जमीनों के मुआवजे की नहीं, बल्कि अपनी ही मिट्टी पर बेगाने कर दिए गए भूमिपुत्रों के अस्तित्व की लड़ाई है।
इस आंदोलन का सबसे नया और तीखा कोण राजनीतिक है। किसान नेता डॉ. रुपेश वर्मा के इस बयान ने सत्ता के गलियारों में खलबली मचा दी है कि "भाजपा से अच्छी तो अखिलेश यादव की सरकार थी।" किसानों का खुला आरोप है कि मौजूदा सरकार में केवल प्रशासनिक तानाशाही चल रही है और उनकी लोकतांत्रिक आवाज को पुलिस के दम पर कुचला जा रहा है। यह नाराजगी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा के वोट बैंक के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
किसान सभा और किसान एकता संघ के बैनर तले जुटे किसान 10% विकसित प्लॉट और नए भूमि अधिग्रहण से जुड़े बुनियादी हक मांग रहे हैं। किसान नेता जगबीर नंबरदार के मुताबिक, सरकार केवल खोखले वादे कर किसानों का शोषण कर रही है। तनाव को देखते हुए पुलिस ने प्राधिकरण दफ्तर को छावनी में बदल दिया है, लेकिन किसानों के तेवर साफ कर रहे हैं कि अब वे बिना अधिकार लिए पीछे नहीं हटने वाले।
Location : Greater Noida
Published : 17 July 2026, 3:48 PM IST
Topics : Akhilesh Yadav Greater Noida UP News