Video: नेपाल में जलप्रलय से तबाही: 584 मौतें, 3200 लोग लापता; ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्रियों से टूटा संपर्क

नई दिल्ली: नेपाल और तिब्बत में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचा दी है। शुक्रवार शाम तक इस जलप्रलय में कुल 584 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3200 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल में 584 लोगों की मौत हुई है और 2482 लोग लापता हैं

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 29 August 2026, 9:48 AM IST

नई दिल्ली: नेपाल और तिब्बत में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचा दी है। शुक्रवार शाम तक इस जलप्रलय में कुल 584 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2482 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल में 584 लोगों की मौत हुई है और 3200 लोग लापता हैं, वहीं तिब्बत में 5 मौतें और 558 लोगों के लापता होने की खबर है।

नेपाल में मौजूद 320 भारतीय नागरिकों से फिलहाल संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे चिंता और बढ़ गई है। भारत और नेपाल की एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्री लापता

चीन-नेपाल सीमा के पास आई भीषण बाढ़ के दो दिन बाद भी ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्रियों की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। यह समूह आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव द्वारा स्थापित ईशा फाउंडेशन के नेतृत्व में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकला था।

बाढ़ और भूस्खलन के बाद इन यात्रियों से संपर्क टूट गया। प्रशासन और राहत एजेंसियां इनकी तलाश में जुटी हैं।

नेपाल में सबसे ज्यादा तबाही, कई जिलों से बरामद हुए शव

नेपाल पुलिस के मुताबिक, अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में शव बरामद किए गए हैं।

  • नवलपरासी पूर्व से 134 शव बरामद
  • चितवन से 221 शव बरामद
  • गोरखा से 46 शव मिले
  • नुवाकोट से 37 शव बरामद
  • धाडिंग से 33 शव मिले
  • तनहूं से 28 शव बरामद
  • नवलपरासी पश्चिम से 27 शव मिले
  • रसुवा से 12 शव बरामद

अधिकारियों का कहना है कि लापता लोगों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि कई इलाकों में अब भी राहत और बचाव अभियान जारी है।

7451 जवान राहत अभियान में तैनात, सुरंगों में जारी सर्च ऑपरेशन

नेपाल पुलिस ने बताया कि आपदा के तीसरे दिन भी खोज और बचाव अभियान लगातार चल रहा है। इस ऑपरेशन में कुल 7451 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें 2391 नेपाल सेना के जवान शामिल हैं।

कई सुरंगों और दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।

झील के ओवरफ्लो और हिमस्खलन ने बढ़ाई मुश्किलें

शुक्रवार को अस्थिर बैरियर लेक के ओवरफ्लो होने और भोटे कोशी नदी में अचानक पानी बढ़ने के कारण राहत टीमों को पीछे हटना पड़ा।

इसके बाद एक और हिमस्खलन में करीब 50 हजार क्यूबिक मीटर बर्फ का मलबा गिरा। सैटेलाइट तस्वीरों में ऊंचाई वाले इलाके में एक नई बड़ी झील बनने के संकेत मिले हैं, जिसका पानी निकलने का रास्ता अभी स्पष्ट नहीं है।

Location :  New Delhi

Published :  29 August 2026, 9:33 AM IST