उत्तराखंड में बाघ ने आतंक मचा रहा है। हर दिन बाघ की इंसानों पर हमले की खबरें सामने आ रही हैं। ताजा मामले में बाघ ने रविवार शाम को एक बिहार के श्रमिक पर हमला कर मार दिया। इलाके के लोगों में वन विभाग और प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है।

Nainital: उत्तराखंड में वन्य जीव और इंसानों के बीच संघर्ष की घटनाएं चरम पर पहुंच गई हैं। हर दिन वन्य जीवों की इंसानों पर हमले की खबर कानों में गूंजती रहती है। रामनगर वन प्रभाग के कोटा रेंज स्थित भलोन गांव में रविवार की देर सांय बाघ ने बिहार से आए एक श्रमिक पर हमला कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई। एक सप्ताह के भीतर बाघ के हमले की यह तीसरी घटना है। घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
मृतक की पहचान अभिमन्यु कुमार (30 वर्ष), पुत्र भगेलू साह, निवासी ग्राम जोकटिया, थाना मझौलिया, जिला बेतिया (पश्चिम चंपारण), बिहार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अभिमन्यु कुमार सिंचाई विभाग के अंतर्गत चल रहे पाइपलाइन बिछाने के कार्य में मजदूरी करने रामनगर आया हुआ था।
वन विभाग की टीम पर गुस्साए ग्रामीण
जानकारी के अनुसार भलोन क्षेत्र में पूर्व प्रधान मनमोहन पाठक की गौशाला के समीप श्रमिक पाइपलाइन फिटिंग का कार्य कर रहा था। रविवार शाम अचानक जंगल की ओर से आए बाघ ने उस पर हमला कर दिया और उसे उठाकर जंगल की ओर ले गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। मजदूरों ने शोर मचाते हुए तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही रामनगर वन प्रभाग की टीम मौके पर पहुंची और पैदल दलों के साथ ड्रोन की मदद से सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी प्रयासों के बाद जंगल के भीतर कुछ दूरी पर युवक का शव बरामद कर लिया गया। शव मिलने के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल और अधिक गहरा हो गया।
घटना की पुष्टि करते हुए रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि रविवार शाम भलोन क्षेत्र में एक नाले के पास बाघ ने श्रमिक पर हमला किया। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन चलाकर शव को बरामद कर लिया गया।
डीएफओ ने बताया कि क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है और बाघ की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए पहले से ही उच्च अधिकारियों से ट्रेंकुलाइज करने की अनुमति ली जा चुकी थी और बीते दो-तीन दिनों से प्रयास जारी थे।
मामले की जानकारी देते रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया
घटना स्थल पर पिंजरा लगाया जा रहा है, वहीं डॉक्टरों और वनकर्मियों की टीम मचान बनाकर बाघ को ट्रेंकुलाइज करने का प्रयास कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर शूटआउट की अनुमति भी उच्च अधिकारियों से ली जा रही है।
गौरतलब है कि बीते एक सप्ताह के भीतर यह बाघ के हमले की तीसरी घटना है। इससे पहले टोटाम के क्यारी गांव और सांवल्दे क्षेत्र में भी बाघ के हमलों में लोगों की जान जा चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों और बाहर से आए मजदूरों में भारी दहशत है।
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वहीं, क्षेत्रीय राज्य आंदोलनकारी अध्यक्ष नवीन नैनवाल समेत ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर वन विभाग से बाघ को जल्द से जल्द पकड़ने, पिंजरा लगाने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया स्वयं मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।