
प्रतीकात्मक छवि (Img- Pinterest)
Dehradun: उत्तराखंड के सबसे ऊंचे प्रशासनिक पद का रसूख जब अपराध के दलदल में उतरा, तो एक ऐसी कहानी सामने आई जिसने पूरे महकमे को हिलाकर रख दिया है। राज्य के एक पूर्व मुख्य सचिव के बेटे को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है।
आरोप है कि उसने अपने पिता के बड़े नाम और रसूख को ढाल बनाकर खुद को 'भारतीय पुलिस सेवा' (IPS) का आला अफसर घोषित कर दिया था। इस फर्जी पहचान के सहारे उसने समाज के सबसे पढ़े-लिखे वर्ग यानी डॉक्टरों को अपना निशाना बनाया और उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए।
पुलिस की प्रारंभिक तफ्तीश में जो सबसे चौंकाने वाला एंगल सामने आया है, वह है आरोपी का शिकार चुनने का तरीका। आरोपी डॉक्टरों को इसलिए निशाना बनाता था क्योंकि वे अमूमन पुलिस और कानूनी पचड़ों से दूर रहना चाहते हैं।
खुद को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी बताकर वह पहले डॉक्टरों से इलाज और सलाह के बहाने संपर्क बढ़ाता था। एक बार जब डॉक्टर उसके फर्जी रसूख और रौब के जाल में फंस जाते, तो वह सरकारी काम कराने, बड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश करने या किसी कानूनी अड़चन को दूर करने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम ऐंठ लेता था।
इस हाई-प्रोफाइल ठगी का भंडाफोड़ तब हुआ जब कुछ पीड़ितों ने देहरादून के राजपुर थाने में हिम्मत दिखाकर शिकायत दर्ज कराई। आरोपी के खिलाफ राजपुर थाने में दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। चूंकि मामला पूर्व मुख्य सचिव के परिवार से जुड़ा था, इसलिए पुलिस ने बेहद गुपचुप तरीके से जाल बिछाया।
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आरोपी की मोबाइल लोकेशन दिल्ली में ट्रेस हुई। देहरादून पुलिस की एक विशेष टीम ने फौरन दिल्ली में दबिश दी और 'फर्जी साहब' को उनके ठिकाने से धर दबोचा।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को दिल्ली की स्थानीय अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया है, जिसके बाद उसे देहरादून लाया जा रहा है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस फर्जी आईपीएस के पीछे क्या कोई पूरा सिंडिकेट काम कर रहा था और उसने अब तक देश भर में कितने और डॉक्टरों व संभ्रांत लोगों को चूना लगाया है।
Location : Dehradun
Published : 16 July 2026, 2:55 PM IST
Topics : Dehradun Police fake IPS Uttarakhand News