देहरादून के सेलाकुई में निजी कॉलेज के छात्रों के बीच कहासुनी हिंसा में बदल गई। हाथों में नंगी तलवार और डंडे लेकर युवकों ने सड़क को रणक्षेत्र बना दिया। पुलिस ने 5 छात्रों को गिरफ्तार कर मामले में तलवार भी बरामद की।

निजी कॉलेज के छात्रों का तांडव
Dehradun: राजधानी देहरादून के सेलाकुई थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। 16 जनवरी की रात, सड़क पर कुछ छात्रों के बीच हुई मामूली कहासुनी हिंसा में बदल गई और हाथों में नंगी तलवारों से हमला किया गया। यह मामला ब्रदर्स कैफे के सामने का बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह विवाद पूल खेलने के दौरान शुरू हुआ। मामूली बहस कुछ ही देर में हिंसक संघर्ष में बदल गई। युवकों ने सड़क को रणक्षेत्र बना दिया, हाथों में नंगी तलवारें और लाठी-डंडे लेकर हमला किया।
वायरल वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि युवकों के चेहरे पर कानून का कोई भय नहीं था। सड़क पर अफरा-तफरी मच गई, इलाके में डर और दहशत फैल गई। यह दृश्य किसी फिल्मी सीन से कम नहीं लग रहा था, लेकिन पूरी तरह हकीकत थी।
सेलाकुई थाना पुलिस ने वायरल वीडियो के सामने आते ही तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने तीन नामजद और कुछ अज्ञात युवकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
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कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने इस मामले में 5 छात्रों को गिरफ्तार किया। वहीं, एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई नंगी तलवार को भी बरामद कर लिया है।
शिक्षा के लिए आए छात्रों के हाथों में किताबों की जगह तलवारें होना समाज के लिए चिंता का विषय है। यह घटना बताती है कि युवाओं में हिंसा के प्रति बढ़ती प्रवृत्ति कितनी गंभीर हो सकती है।
सेलाकुई सड़क हिंसा
सेलाकुई पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर साफ संदेश दे दिया कि देवभूमि की सड़कों पर गुंडागर्दी और हिंसा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस घटना ने आसपास के समाज में डर और असुरक्षा की भावना बढ़ा दी। स्थानीय लोग और दुकानदार भी तनाव में रहे, क्योंकि सड़क पर अचानक हुए इस हिंसक संघर्ष ने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी थी।
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फिलहाल, पुलिस आरोपी छात्रों की गिरफ्तारी के साथ-साथ फरार आरोपी की तलाश कर रही है। मुकदमा दर्ज होने के बाद अब कानूनी प्रक्रिया जारी है और सभी आरोपी न्यायालय में पेश किए जाएंगे।
इस घटना से युवाओं में अनुशासन और संयम की आवश्यकता और स्पष्ट हो गई है। पुलिस और प्रशासन ने संकेत दे दिया है कि शिक्षा संस्थानों में छात्रों की हिंसा के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।