नैनीताल के हिमालयन बॉटनिकल गार्डन में पहली बार नजर आई ये दुर्लभ प्रजाति, जिसे देखकर वन विभाग भी चौंका

नैनीताल के हिमालयन बॉटनिकल गार्डन में पहली बार दुर्लभ व्हाइट लिप्ड पिट वाइपर सांप दिखाई दिया। वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ा। जानिए इस विषैले सांप की खासियत और विभाग की अपील।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 14 July 2026, 4:09 PM IST

Nainital: उत्तराखंड के नैनीताल से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। नैनीताल के हिमालयन बॉटनिकल गार्डन में पहली बार दुर्लभ और विषैले व्हाइट लिप्ड पिट वाइपर सांप को देखा गया है। इस प्रजाति का यहां पहली बार रिकॉर्ड दर्ज होने के बाद इसे क्षेत्र की जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह सांप उस समय दिखाई दिया जब बॉटनिकल गार्डन में झाड़ियों की सफाई का काम चल रहा था। कर्मचारियों ने जैसे ही हरे रंग के इस दुर्लभ सांप को देखा, उन्होंने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सावधानी के साथ सांप को पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।

क्यों खास है यह सांप?

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस सांप का वैज्ञानिक नाम ट्राइमेरेसुरस अल्बोलाब्रिस (Trimeresurus albolabris) है। यह मुख्य रूप से हिमालयी इलाकों और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में पाया जाता है। वन बीट अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि इस सांप की सबसे बड़ी पहचान इसके सफेद होंठ और चमकीला हरा रंग है। इसकी लंबाई आमतौर पर दो से तीन फीट तक होती है। यह पेड़ों और घनी झाड़ियों में रहना पसंद करता है और रात के समय अधिक सक्रिय रहता है।

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जहरीला है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं

व्हाइट लिप्ड पिट वाइपर एक विषैला सांप है। वन विभाग के अनुसार इसका जहर हेमोटॉक्सिक होता है, जो शरीर के रक्त और ऊतकों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में घबराने के बजाय सावधानी बरतना सबसे जरूरी है।

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं यह सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या मारने की कोशिश बिल्कुल न करें। इसकी जानकारी तुरंत वन विभाग को दें, ताकि प्रशिक्षित टीम उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचा सके।

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जैव विविधता के लिए अच्छा संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि इस दुर्लभ प्रजाति का नैनीताल में मिलना क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का संकेत है। इससे यह भी पता चलता है कि यहां का प्राकृतिक वातावरण अब भी कई दुर्लभ जीवों के लिए अनुकूल बना हुआ है।

Location :  Nainital

Published :  14 July 2026, 4:09 PM IST