रामनगर में स्वास्थ्य व औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अवैध क्लीनिक सील किए। बिना वैध डिग्री इलाज कर रहे डॉक्टरों में हड़कंप मच गया।

स्वास्थ्य एवं औषधि विभाग की संयुक्त छापेमारी
Ramnagar: उत्तराखंड के रामनगर में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अवैध क्लीनिकों को सील कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध रूप से चिकित्सा सेवाएं दे रहे झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया।
कार्रवाई की सूचना मिलते ही रामनगर और आसपास के क्षेत्रों में कई झोलाछाप डॉक्टरों ने अपनी-अपनी क्लीनिक बंद कर दीं और मौके से फरार हो गए। अचानक हुई इस छापेमारी से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
डिप्टी सीएमओ डॉ. श्वेता भंडारी ने बताया कि मोहल्ला गूलरघट्टी निवासी डॉक्टर मुजीबुर्रहमान के खिलाफ सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायत के आधार पर जब टीम ने क्लीनिक पर छापा मारा तो डॉक्टर मौके पर मौजूद थे, लेकिन वह कोई भी वैध मेडिकल डिग्री या पंजीकरण प्रमाण पत्र नहीं दिखा सके।
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टीम ने इसी क्षेत्र में स्थित डॉक्टर नदीम अख्तर के क्लीनिक पर भी छापेमारी की। वहां भी डॉक्टर द्वारा किसी प्रकार की वैध डिग्री या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके अलावा भवानीगंज इलाके में भी एक अन्य झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक की जांच की गई, जहां कोई वैध कागजात नहीं पाए गए।
स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा
तीनों स्थानों पर आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से क्लीनिकों को सील कर दिया। औषधि निरीक्षक डॉ. अर्चना ने बताया कि बिना पंजीकरण और डिग्री के चिकित्सा करना कानूनन अपराध है।
डिप्टी सीएमओ डॉ. श्वेता भंडारी ने कहा कि झोलाछाप डॉक्टर मासूम और गरीब लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह की छापेमारी अभियान चलाए जाएंगे और बिना वैध डिग्री के चिकित्सा करने वालों पर कठोर कदम उठाए जाएंगे। विभाग की इस कार्रवाई से आम जनता ने राहत की सांस ली है।