उत्तराखंड के रामनगर में कोसी नदी में खनन के दौरान 10 टायर वाहनों पर रोक से विवाद बढ़ गया है। वाहन स्वामियों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए आदेश को तुगलकी फरमान बताया और इसे वापस लेने की मांग की।

कोसी नदी खनन विवाद (Img- Internet)
Ramnagar: उत्तराखंड के रामनगर के कोसी नदी क्षेत्र में खनन कार्य के दौरान 10 टायर वाहनों पर रोक लगाए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। पहले इन वाहनों का पंजीकरण खनन गेटों पर किया गया था, लेकिन अब तराई पश्चिम वन विभाग और वन विकास निगम ने इनके संचालन पर रोक लगा दी है।
इस फैसले के विरोध में 10 टायर वाहन स्वामियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए इस आदेश को “तुगलकी फरमान” बताया। प्रदर्शनकारियों ने तराई पश्चिमी वन विभाग की एसडीओ किरण शाह और वन विकास निगम के डीएलएम मुदित आर्य का घेराव कर अपना विरोध दर्ज कराया।
वाहन स्वामियों का कहना है कि उन्होंने अपने ट्रक लोन पर खरीदे हैं और अचानक इस तरह के प्रतिबंध से उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि अब वे न तो काम कर पा रहे हैं और न ही वाहनों की किश्त भरने की स्थिति में हैं, जिससे आर्थिक परेशानी बढ़ती जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे मजबूर होकर हाईकोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की अपील की और वाहनों को दोबारा चलाने की अनुमति देने की मांग रखी।
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वाहन स्वामियों ने विभाग के इस तर्क को खारिज किया कि 10 टायर वाहन अवैध खनन को बढ़ावा दे रहे हैं। उनका कहना है कि जब अन्य वाहनों से पहले भी खुलेआम अवैध खनन होता था, तब विभाग ने कोई सख्ती नहीं दिखाई। ऐसे में अब सिर्फ 10 टायर वाहनों पर कार्रवाई करना भेदभावपूर्ण है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि या तो उनके वाहनों को संचालन की अनुमति दी जाए या फिर कोसी नदी में खनन पूरी तरह बंद कर दिया जाए। उनका कहना है कि केवल कुछ वाहनों को रोकना अन्यायपूर्ण है और इससे उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है।
वहीं, वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 10 टायर वाहनों के जरिए लगातार अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। इसी कारण एहतियात के तौर पर इन वाहनों पर अस्थायी रोक लगाई गई है।
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अधिकारियों ने बताया कि वाहन स्वामियों द्वारा दिया गया ज्ञापन उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा और मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है।