जिले में एलपीजी सिलेंडरों की कमी और बढ़ती शिकायतों को देखते हुए प्रशासन ने गैस वितरण व्यवस्था पर सख्त निगरानी शुरू कर दी है। डीएम के निर्देश पर क्यूआरटी टीमें एजेंसियों और डिलीवरी वाहनों का औचक निरीक्षण कर रही हैं।

गैस की कालाबाजारी को लेकर डीएम सख्त (इमेज सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
नैनीताल: जनपद में एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन एक्शन मोड में है। जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायत मिलते ही प्रशानस की टीमे मौके पर पहुंच कर जांच कर कार्रवाई कर रही है। बता दें कि जिले में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर पिछले कई दिनों से लगातार शिकायतों मिल रही हैं। जिस पर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर अब पूरा तंत्र गैस वितरण व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुट गया है। प्रशासन ने सात सदस्यीय त्वरित प्रतिक्रिया दल तैयार कर दिया है, जिसकी टीमें रोजाना गैस एजेंसियों और डिलीवरी नेटवर्क का औचक निरीक्षण कर रही हैं। इन टीमों को यह जिम्मा दिया गया है कि मांग और आपूर्ति के हर स्तर पर नजर रखते हुए किसी भी अनियमितता को तुरंत रोका जाए।
जिला प्रशासन के टोल फ्री नंबर 1077, लैंडलाइन और व्हाट्सएप माध्यमों पर गुरुवार को गैस न मिलने से जुड़ी कुल 49 शिकायतें दर्ज की गईं। इन शिकायतों को संबंधित गैस एजेंसियों तक तुरंत भेजा गया, जिसके बाद उपभोक्ताओं को उसी दिन समाधान उपलब्ध कराया गया।
प्रशासन का कहना है कि उपभोक्ता चाहे किसी भी एजेंसी से जुड़े हों, उनकी शिकायत का निस्तारण प्राथमिकता से किया जा रहा है।
गैस एजेंसियों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल को जिले में 6662 घरेलू और 1326 व्यावसायिक सिलेंडर पहुंचे, जिनमें से 6365 घरेलू और 841 व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति उपभोक्ताओं तक सुनिश्चित की गई। वहीं, जिले में इस समय 7041 घरेलू और 2462 व्यावसायिक सिलेंडरों का स्टॉक सुरक्षित रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर त्वरित वितरण किया जा सके।
डीएम द्वारा गठित क्यूआरटी टीम अब तक जिले की 71 गैस एजेंसियों, 90 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और 85 डिलीवरी वाहनों की जांच कर चुकी है। गुरुवार को भी 11 एजेंसियों, 12 व्यावसायिक दुकानों और 12 सिलेंडर डिलीवरी वाहनों का निरीक्षण किया गया, जिसमें टीमों ने रिकॉर्ड, बुकिंग लिस्ट और डिलीवरी क्रम को बारीकी से परखा।
इधर, पिछले 24 घंटे में जिला प्रशासन के व्हाट्सएप ग्रुप पर इंडेन गैस से जुड़ी 44 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें उपभोक्ताओं ने समय पर भुगतान करने के बावजूद सिलेंडर न मिलने की परेशानी बताई। इस पर जिलास्तर पर एक संयुक्त ग्रुप बनाकर इंडेन के अधिकारियों और सभी एजेंसी प्रबंधकों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए गए हैं, जिसकी रिपोर्ट सीधे प्रशासन को भेजी जा रही है।
उधर, कुमाऊं मंडल विकास निगम ने भी सिलेंडर आपूर्ति को व्यवस्थित करने के लिए हल्द्वानी स्थित सरस मार्केट में विशेष अधिकारी तैनात किया है। यहां से बुकिंग के आधार पर उपभोक्ताओं के नाम वाली सूची के अनुसार वाहनों को रवाना किया जा रहा है, ताकि पहले भुगतान करने वालों को पहले सिलेंडर मिले।
इंडेन गैस सर्विस ने 3 अप्रैल से "फर्स्ट इन–फर्स्ट आउट" की व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है, जिसके तहत बुकिंग की तारीख के हिसाब से ही वितरण किया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि यदि कहीं भी कालाबाजारी, डायवर्जन या अवैध रिफिलिंग होती दिखे, तो तुरंत टोल फ्री और व्हाट्सएप नंबरों पर सूचना दें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।