Ramnagar News: कोसी नदी में किसकी चल रही मशीनें? बेरोजगार मजदूरों का आरोप, प्रशासन और सरकार पर सवाल

रामनगर की कोसी नदी में मशीनों से खनन के आरोप पर मजदूरों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बेरोज़गार मजदूरों ने ज्ञापन सौंपा, विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा, जबकि प्रशासन ने अवैध खनन रोकने और दोषियों पर कार्रवाई के संकेत दिए।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 12 January 2026, 4:46 PM IST

Ramnagar: कोसी नदी में उपखनिज भरान कार्य को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। स्थानीय और बाहर से आए सैकड़ों मजदूरों ने आरोप लगाया कि नदी में बैककैरा और अन्य भारी मशीनों का अवैध इस्तेमाल किया जा रहा है। इस कारण वे बेरोज़गार हो गए हैं और उनके सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

मजदूरों का हल्ला बोल और ज्ञापन

प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने बताया कि वे हर साल मैन्युअल तरीके से उपखनिज निकालकर वाहनों में भरने का कार्य करते हैं। इसी काम से उनके परिवारों का पालन-पोषण होता है। इस बार मशीनों के इस्तेमाल से उनका पारंपरिक रोजगार छिन गया। मजदूरों ने हजारों रुपये खर्च कर उपकरण खरीदे थे, लेकिन अब उन्हें काम नहीं मिला।

मजदूरों का नेतृत्व कर रहे आरटीआई कार्यकर्ता देव बिष्ट ने बताया कि हर साल लगभग 50 हजार से 1 लाख मजदूर उपखनिज भरान के लिए नदी में आते हैं। इस बार मशीनों के कारण सभी बेरोज़गार हो गए और भुखमरी की नौबत आ गई। उन्होंने रामनगर उपजिलाधिकारी कार्यालय जाकर ज्ञापन सौंपा, जिसमें मशीनों के संचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई।

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विपक्ष ने साधा निशाना

इस मामले में कांग्रेस के पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की नदियों का खनन हैदराबाद की कंपनी को दिया गया है और लगातार मशीनों से खुदाई हो रही है। सरकार ने स्थानीय लोगों को रोजगार देने के वादे किए थे, लेकिन वास्तविकता यह है कि मजदूर बिना काम लौटने को मजबूर हैं।

मजदूरों का प्रदर्शन

रणजीत रावत ने कहा कि नदी में मशीनों से खनन नियमों के खिलाफ है। कानून के अनुसार आपदा की स्थिति को छोड़कर किसी भी नदी में मशीनों से खुदाई नहीं की जा सकती। खनन केवल मैन्युअल तरीके से सीमित गहराई तक होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कोसी नदी में कई जगह 90-90 मीटर गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं, जो भविष्य में बड़े खतरे का कारण बन सकते हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

रामनगर के उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि नदी में बैककैरा चलने के वीडियो उनके संज्ञान में आए हैं। उन्होंने कहा कि वन विकास निगम के अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध खनन पर औचक छापेमारी की जाएगी।

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बढ़ती चिंता और भविष्य के खतरे

मजदूरों का पारंपरिक रोजगार खतरे में पड़ने और नदी में अवैध खनन के कारण कोसी नदी का पारिस्थितिक संतुलन भी प्रभावित हो सकता है। भारी मशीनों से नदी की मिट्टी और पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में बड़े पर्यावरणीय और सामाजिक संकट की संभावना है।

Location : 
  • Ramnagar

Published : 
  • 12 January 2026, 4:46 PM IST