
केदारनाथ के कपाट बंद होने की तारीख तय (Img- Dynamite News)
Chamoli: चारधाम यात्रा के समापन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में बाबा केदार के कपाट शीतकाल के लिए बंद करने की तिथि और मुहूर्त की घोषणा हो चुकी है। बता दें कि केदारनाथ धाम के कपाट 10 नवंबर को सुबह 8:30 बजे शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे।
इसके बाद बाबा केदार की चल विग्रह उत्सव डोली फाटा और गुप्तकाशी होते हुए ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचेगी। इसकी जानकारी डोली प्रभारी डीएस भुजवाण ने दी है। इसके बाद श्रद्धालुओं को बाबा केदार के दर्शन शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में हो सकेंगे।
वहीं, गंगोत्री धाम के कपाट बंद करने की तिथि भी तय हो गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में चारधाम यात्रा का स्वरूप बदल जाएगा और देव डोलियां अपने शीतकालीन प्रवास की ओर रवाना होंगी।
केदारनाथ धाम के कपाट बंद करने का मुहूर्त विजयदशमी पर्व पर मंगलवार को ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में निकाला गया। इसी अवसर पर बदरीनाथ धाम के कपाट बंद करने की तिथि और शुभ मुहूर्त की घोषणा भी की गई।
इसके साथ ही बदरीनाथ धाम में होने वाली पंचपूजा और भगवान की डोली यात्रा का कार्यक्रम भी सामने आएगा। इन घोषणाओं के बाद श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा के समापन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकेंगी।
कपाट बंद होने के बाद बाबा केदार की चल विग्रह उत्सव डोली परंपरागत मार्ग से शीतकालीन गद्दीस्थल की ओर रवाना होगी। डोली प्रभारी डीएस भुजवाण के अनुसार, डोली फाटा और गुप्तकाशी होते हुए ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचेगी।
सर्दियों में भारी बर्फबारी और कठिन मौसम के कारण केदारनाथ धाम में नियमित दर्शन संभव नहीं हो पाते। ऐसे में बाबा केदार की पूजा-अर्चना शीतकाल के दौरान ऊखीमठ में की जाती है। श्रद्धालु यहां पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे।
गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट पर्व पर 10 नवंबर को बंद किए जाएंगे। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल और सचिव सुरेश सेमवाल के अनुसार, कपाट अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12:05 बजे बंद होंगे।
इसके बाद मां गंगा की उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल मुखवा के लिए रवाना होगी। यहां सर्दियों के दौरान मां गंगा की पूजा-अर्चना की जाएगी। कपाट बंद होने के साथ ही गंगोत्री धाम में इस वर्ष की यात्रा का समापन हो जाएगा।
चारधाम यात्रा में यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट भैयादूज पर्व पर बंद किए जाने की परंपरा है। वहीं, गंगोत्री धाम में अन्नकूट पर्व पर कपाट बंद किए जाते हैं। अलग-अलग तिथियों और धार्मिक परंपराओं के अनुसार इन धामों में शीतकालीन व्यवस्था शुरू होती है। इस दौरान देव विग्रहों को निर्धारित शीतकालीन पूजा स्थलों पर ले जाया जाता है, जहां श्रद्धालु दर्शन और पूजा कर सकते हैं।
अब श्रद्धालुओं की नजर बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तारीख और मुहूर्त पर रहेगी। विजयदशमी पर इसकी घोषणा के साथ पंचपूजा और डोली यात्रा का कार्यक्रम भी स्पष्ट होगा।
चारधाम के कपाट बंद होने के बाद पहाड़ों में मौसम की कठिन परिस्थितियों को देखते हुए धार्मिक गतिविधियां शीतकालीन स्थलों पर जारी रहेंगी। इस तरह यात्रा के मुख्य पड़ावों पर दर्शन का समय बदल जाएगा, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना की परंपरा बनी रहेगी।
Location : Chamoli
Published : 20 October 2026, 1:33 PM IST