Hanumangarhi Temple Nainital: कभी कब्रिस्तान थी यह जगह? नीम करौली बाबा से जुड़ी हैं मंदिर की कई रहस्यमयी कथाएं

Hanumangarhi Temple Nainital उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में शामिल है। नैनीताल से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित इस मंदिर का इतिहास नीम करौली बाबा से जुड़ा बताया जाता है। यहां हनुमान जी के साथ राम और शिव मंदिर भी हैं। मंदिर से जुड़ी कई स्थानीय मान्यताएं और कथाएं श्रद्धालुओं के बीच प्रचलित हैं।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 20 October 2026, 2:06 PM IST

Nainital: उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों के बीच स्थित नैनीताल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ धार्मिक स्थलों के लिए भी जाना जाता है। यहां का हनुमानगढ़ी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इस मंदिर का संबंध प्रसिद्ध संत नीम करौली बाबा से जोड़ा जाता है। मंदिर के इतिहास और इससे जुड़ी स्थानीय मान्यताओं की वजह से यहां दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की खास रुचि रहती है।

1950 में हुई थी मंदिर की शुरुआत

Hanumangarhi Temple Nainital की शुरुआत वर्ष 1950 में हुई बताई जाती है। प्रचलित जानकारी के अनुसार, इसी साल नीम करौली बाबा इस स्थान पर पहुंचे थे। उन्होंने अपने अनुयायियों के साथ यहां एक छोटी-सी कुटिया बनाई और हनुमान जी की छोटी प्रतिमा स्थापित की।

बताया जाता है कि वर्ष 1953 में यहां हनुमान जी की बड़ी प्रतिमा स्थापित की गई। इसके बाद मंदिर की पहचान बढ़ने लगी। वर्ष 1955 में राम मंदिर का निर्माण हुआ, जबकि 1956-57 के दौरान शिव मंदिर बनाया गया। समय के साथ यह पूरा परिसर धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया।

मंदिर से जुड़ी हैं कई रहस्यमयी कथाएं

हनुमानगढ़ी मंदिर को लेकर स्थानीय स्तर पर कई धार्मिक मान्यताएं और कथाएं प्रचलित हैं। इनमें नीम करौली बाबा की साधना और उनके आध्यात्मिक जीवन से जुड़ी कहानियां प्रमुख हैं।

स्थानीय मान्यताओं में हैड़ाखान बाबा की एक कथित भविष्यवाणी का भी जिक्र मिलता है। कहा जाता है कि उन्होंने किसी ऐसे व्यक्ति के आने की बात कही थी, जो इस भूमि को जागृत करेगा। कुछ प्रचलित कथाओं में यह भी बताया जाता है कि पहले इस स्थान पर कब्रिस्तान हुआ करता था।

एक अन्य कथा के अनुसार, नीम करौली बाबा ने यहां भंडारे का आयोजन किया था और इस दौरान कुछ बच्चों के रहस्यमय तरीके से गायब होने की कहानी सुनाई जाती है। हालांकि, इन घटनाओं और कथाओं की स्वतंत्र ऐतिहासिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इन्हें स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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नैनीताल से कितनी दूर है हनुमानगढ़ी मंदिर?

Hanumangarhi Temple Nainital शहर से करीब दो किलोमीटर दूर नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग पर स्थित है। यहां पहुंचने के लिए टैक्सी, कैब और स्थानीय परिवहन की मदद ली जा सकती है। निजी वाहन से भी मंदिर तक पहुंचना आसान है।

श्रद्धालुओं के लिए खास है यह स्थान

हनुमानगढ़ी मंदिर में श्रद्धालु हनुमान जी के दर्शन करने के साथ कुछ समय शांति से बिताने के लिए भी पहुंचते हैं। नीम करौली बाबा से जुड़ा इतिहास, धार्मिक वातावरण और स्थानीय कथाएं इस मंदिर को नैनीताल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में शामिल करती हैं।

Location :  Nainital

Published :  20 October 2026, 2:06 PM IST