नैनीताल में LPG गैस संकट गहराने के बाद होटल और रेस्टोरेंट कोयले पर निर्भर हो गए हैं। बढ़ती मांग के चलते कोयले की कीमत 30 से बढ़कर 50 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है, जिससे स्थानीय कारोबारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

होटल व्यवसायियों में मचा हड़कंप
Nainital: नैनीताल में LPG गैस की किल्लत ने लोगों की दिनचर्या के साथ साथ बाजारों की स्थिति भी बदल दी है। घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों की कमी के कारण शहर के होटल, रेस्टोरेंट और ढाबे बड़ी संख्या में कोयले और लकड़ी से खाना पकाने पर निर्भर हो गए हैं। इसी बढ़ते प्रयोग ने कोयले की मांग को असामान्य रूप से बढ़ा दिया है, जिसकी वजह से कोयले के दाम प्रति किलो 20 रुपये तक बढ़ गए हैं।
रेस्टोरेंट और होटल संचालकों का कहना है कि गैस की कमी ने उन्हें मजबूर कर दिया है कि वे पुराने दौर की तरह चूल्हों और अंगीठियों का उपयोग करें। यह बदलाव जहां खर्च बढ़ा रहा है, वहीं कोयले की भारी खपत ने उसकी कीमतों में भी उछाल ला दिया है। स्थानीय कारोबारियों पर इसका सीधा वित्तीय बोझ दिखने लगा है।
कोयला गोदाम संचालक नुमराज बताते हैं कि पहले कोयले की मांग मुख्य रूप से शादी-ब्याह या कुछ विशेष अवसरों तक सीमित रहती थी, लेकिन सिलेंडर की कमी के बाद यह मांग कई गुना बढ़ चुकी है।
उनका कहना है कि जहां पहले रोजाना पांच से दस किलो कोयला बिकता था, वहीं अब यह आंकड़ा 30 से 40 किलो प्रतिदिन तक पहुंच गया है। होटल और पीजी संचालक सबसे ज्यादा कोयला खरीद रहे हैं।
कोयला अब नैनीताल में कालाढूंगी, काशीपुर और मुरादाबाद से बड़ी मात्रा में मंगाया जा रहा है। पहले बाजार में कोयला 30 रुपये प्रति किलो मिलता था, लेकिन वर्तमान स्थिति में इसकी कीमत बढ़कर 50 रुपये किलो तक पहुंच गई है।
रेस्टोरेंट संचालक विक्की राठौड़ का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडर न मिलने के कारण वे मजबूरी में कोयले का सहारा ले रहे हैं। अगर गैस की आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो आने वाले दिनों में होटल व्यवसाय पर इसका और गंभीर असर पड़ सकता है।