देहरादून के डोईवाला की जाखन नदी के किनारे कूड़े के ढेर से क्षेत्रवासियों को परेशनियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि शिकायत के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। स्थानीयों में मामले को लेकर आक्रोष व्याप्त है।

कूड़े का ढेर बना मुसीबत
Dehradun: डोईवाला की जाखन नदी किनारे एकत्रित हो रहा कूड़ा आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। कूड़े का निस्तारण नहीं होने से स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कूड़े के ढेर से चलने वाली बदबू से राहगीरों और आसपास की कॉलोनीवासियों को जीना मुहाल है।
जानकारी के अनुसार माजरी ग्रांट लाल तप्पड़ जाखन नदी किनारे कूड़ा एकत्रित किया जा रहा है। ग्राम सभा से ही वाहनों द्वारा एकत्रित किया जा रहा कूड़ा नदी किनारे ही कई सालों से डंप किया जा रहा है। जिससे दुर्गंध के अलावा अन्य दिक्कतें हो रही हैं। आसपास के क्षेत्र में वातावरण प्रदूषण भी हो रहा है। जाखन नदी के किनारे कूड़ा एकत्रित होने से नदी के साथ बहकर कूड़ा आगे जा रहा है।
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पूर्व प्रधान राजकुमार राज ने कहा कि कूड़ा एकत्रित किया जाना चाहिए लेकिन उसके निस्तारण की उचित व्यवस्था होनी चाहिए यदि ऐसा नहीं होता है तो आम लोगों को दिक्कतें आती हैं। सैकड़ों टन कचरे का यह ढेर पर्यावरण के लिए खतरा है जो चिंता का विषय है।
कूड़ा डंप करती गाड़ी
पूर्व प्रधान अनिल पाल ने बताया कि उनके कार्यकाल में बहुत प्रभावी व्यवस्था बनाई गई थी लेकिन अब जिम्मेदारी दूसरे लोगों पर है। उन्हें व्यवस्था को बेहतर रखना चाहिए। बता दें कि कूड़ा जमा होने से परेशानियां बढ़ती जा रही हैं यदि जल्द समस्या का निदान नहीं हुआ तो गंभीर बीमारियां आसपास के वातावरण में लोगों को प्रभावित करेगी।
स्थानीयों ने बताया कि जब तेज हवा चलती है तो ज्यादा दुर्गंध आती है जिससे जीना मुहाल हो जाता है। आसपास के राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्गंध के कारण बीमारियों को पनपने का भय बना है। यहां से आने वाली बदबू से स्थानीय लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। लोगों ने बताया कि शिकायत के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।