
उर्मिला सनावर की सहमति पर होगा अहम फैसला (Img- X)
Dehradun: अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच में अब एक अहम कानूनी प्रक्रिया सामने आई है। अभिनेत्री उर्मिला सनावर को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 23 अक्टूबर को देहरादून की अदालत में पेश होने का नोटिस दिया है। इस पेशी का मकसद सिर्फ पूछताछ करना नहीं, बल्कि यह स्पष्ट करना है कि वह पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट के लिए अपनी मर्जी से सहमति दे रही हैं या नहीं। इस घटनाक्रम से मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर चल रही चर्चा फिर तेज हो गई है।
विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (CBI) संदीप सिंह भंडारी ने 21 अक्टूबर को नोटिस जारी किया। इसके मुताबिक, उर्मिला सनावर को 23 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना है। अदालत यह सुनिश्चित करेगी कि प्रस्तावित परीक्षणों के लिए उनकी सहमति किसी दबाव, धमकी, लालच या अनुचित प्रभाव के बिना दी जा रही है। सीबीआई ने इन परीक्षणों की अनुमति के लिए अदालत में आवेदन किया है। इसलिए नोटिस मिलने का अर्थ यह नहीं है कि नार्को टेस्ट हो चुका है या उसकी प्रक्रिया पूरी तरह तय हो गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, सीबीआई की टीम उर्मिला सनावर के उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित आवास पर पहुंची और उन्हें नोटिस सौंपा। इससे पहले 18 अक्टूबर को उनसे करीब चार घंटे तक पूछताछ की गई थी। जांच एजेंसी उनसे जुड़े एक कथित ऑडियो क्लिप के बारे में जानकारी जुटा रही है। उर्मिला सनावर ने भी मीडिया से कहा था कि नोटिस इसी ऑडियो से जुड़े मामले में दिया गया है। अब अदालत में होने वाली पेशी से परीक्षणों के लिए उनकी सहमति की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर विवाद तब फिर चर्चा में आया, जब उर्मिला सनावर और उत्तराखंड के पूर्व विधायक सुरेश राठौर से जुड़ी बातचीत की कथित ऑडियो क्लिप सामने आई। इस ऑडियो को लेकर आरोप और सवाल उठे, जिसके बाद मामले में कई मुकदमे दर्ज होने और एसआईटी गठित किए जाने की खबरें आईं। हालांकि, ऑडियो में किए गए दावों को अपने आप में किसी आरोप का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इन दावों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
इस मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है। एजेंसी ने उर्मिला सनावर से पूछताछ की है और पूर्व विधायक सुरेश राठौर से भी सवाल किए जाने की खबर है। अंकिता के माता-पिता ने भी जांच अधिकारियों से मुलाकात कर मामले से जुड़े पहलुओं पर जानकारी दी थी। अदालत में 23 अक्टूबर की पेशी के दौरान सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही होगा कि उर्मिला सनावर प्रस्तावित पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट के लिए स्वतंत्र रूप से सहमति देती हैं या नहीं। इसके बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि किसी व्यक्ति का परीक्षण के लिए सहमत होना या उससे पूछताछ होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता।
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अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में ऋषिकेश के पास एक रिजॉर्ट में हत्या हुई थी। इस मामले में दोषियों को सजा मिल चुकी है, लेकिन कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठे सवालों की अलग से जांच जारी है। ऐसे में सीबीआई की मौजूदा कार्रवाई का महत्व इस बात में है कि जांच एजेंसी नए दावों और उपलब्ध सामग्री की पड़ताल कैसे करती है। अदालत में सहमति की पुष्टि जांच का एक प्रक्रियात्मक कदम है, अंतिम निष्कर्ष नहीं। मामले में आगे क्या सामने आता है, यह जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
Location : Dehradun
Published : 22 October 2026, 10:55 AM IST