बलिया के भीमपुरा थाना क्षेत्र में युवक की हत्या का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद हुआ है। पूछताछ में सामने आया कि पुरानी रंजिश और अपमान का बदला लेने के लिए वारदात को अंजाम दिया गया।

दो मुख्य आरोपियों गिरफ्तार
Ballia: भीमपुरा थाना क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस वारदात ने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया था। लेकिन, पुलिस की तेज कार्रवाई से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया खून से सना चाकू भी बरामद हुआ है। जिससे केस और मजबूत हो गया है।
पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर दबिश दी गई, जिसमें नीरज यादव (20) और मुकेश यादव उर्फ जज (20), निवासी तेंदुआ पाही थाना उभांव को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान दोनों ने पहले तो गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन, सख्ती से पूछने पर उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद किया गया। जिसके बाद मामले में आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 भी जोड़ दी गई।
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पूछताछ में सामने आया कि हत्या की साजिश अचानक नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से रची गई थी। आरोपियों ने बताया कि कुछ दिन पहले उनकी बन्धु यादव निवासी गोविन्दपुर दुगौली से कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। इस झगड़े में उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित होना पड़ा था। यही अपमान उनके अंदर बदले की आग बनकर सुलगता रहा।
दोनों ने मिलकर बदला लेने की ठानी और कई दिनों तक बन्धु यादव की गतिविधियों पर नजर रखी। 20 मार्च की रात करीब 10 बजे उन्होंने अपने प्लान को अंजाम दिया। सुनसान रास्ते पर बन्धु यादव को रोककर उस पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। हमले की गंभीरता इतनी ज्यादा थी कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी अंधेरे और खेतों का सहारा लेकर फरार हो गए।
इस हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब मृतक के बेटे ने थाना भीमपुरा में गुमशुदगी और संदेह के आधार पर तहरीर दी। उसने बताया कि उसके पिता बेल्थरा रोड स्थित एक मोबिल एजेंसी में काम करते थे और 20 मार्च की शाम से लापता थे। काफी खोजबीन के बाद उनका शव ग्राम सरया के पास बरामद हुआ। जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
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पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों व मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंच गई। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से 330 रुपये भी बरामद हुए। फिलहाल दोनों के खिलाफ सभी आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय भेज दिया गया है। पुलिस के अफसरों ने बताया कि इस मामले में आगे भी जांच जारी रहेगी।