Prayagraj News: थाने के पास से युवक को कार में जबरन बैठाया, फिर यमुना में फेंका शव; छोटे भाई के ससुर ने क्यों लिया ऐसा बदला?

प्रयागराज में 20 अगस्त को पूरामुफ्ती थाने के पास से अगवा किए गए मोनू कुशवाहा की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने उसके छोटे भाई के ससुर और एक रिश्तेदार को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में हत्या की बात सामने आने के बाद पुलिस यमुना नदी में युवक के शव की तलाश कर रही है। वारदात का कनेक्शन छोटे भाई की पत्नी की संदिग्ध मौत से जुड़ा बताया जा रहा है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 26 August 2026, 3:28 PM IST
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Prayagraj: प्रयागराज में एक युवक को थाने के पास से अगवा करने के बाद बेरहमी से हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 20 अगस्त को पूरामुफ्ती थाने के पास से मोनू कुशवाहा को कार सवार लोग जबरन अपने साथ ले गए थे। परिवार युवक की तलाश में जुटा रहा, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। अब पुलिस की जांच में दावा किया गया है कि मोनू को कौशांबी ले जाकर पीटा गया और उसकी हत्या करने के बाद शव यमुना नदी में फेंक दिया गया।

मामले में पुलिस ने मोनू के छोटे भाई की पत्नी के पिता यानी उसके छोटे भाई के ससुर नेम कुमार और उसके एक रिश्तेदार पुनीत को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों ने वारदात की बात स्वीकार की है। अब पुलिस उस जगह यमुना में मोनू के शव की तलाश कर रही है, जहां आरोपियों ने शव फेंकने की बात बताई है।

परिवारों में बढ़ी थी रंजिश

मोनू कुशवाहा मूल रूप से कौशांबी के महगांव का रहने वाला था। वह ड्राइविंग का काम करता था और पार्ट टाइम वाहन चलाकर परिवार का खर्च चलाता था। उसका छोटा भाई राजकुमार प्राइवेट काम करता था। राजकुमार ने करीब एक महीने पहले कौशांबी के कूरा गांव की रहने वाली अनुराधा से प्रेम विवाह किया था। अनुराधा की यह दूसरी शादी थी। उसकी पहली शादी झूंसी में रहने वाले एक कांस्टेबल से हुई थी। दोनों के बीच विवाद हुआ तो शादी टूट गई और अनुराधा अपने मायके चली गई। बाद में उसने राजकुमार से शादी कर ली और उसके साथ रहने लगी।

10 अगस्त को ससुराल में मिला था अनुराधा का शव

10 अगस्त को अनुराधा का शव उसके ससुराल में फंदे से लटका मिला था। घटना के बाद मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि अनुराधा की हत्या करने के बाद शव को फंदे से लटकाया गया है। अनुराधा के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने उसके पति राजकुमार, सास-ससुर और जेठ मोनू कुशवाहा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने राजकुमार और उसके माता-पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि मोनू फरार चल रहा था।

पूरामुफ्ती थाने के पास से जबरन कार में बैठाया

पुलिस के मुताबिक, 20 अगस्त की दोपहर करीब 12 बजे मोनू पूरामुफ्ती थाने के पास कुशवाहा स्वीट हाउस के सामने मौजूद था। इसी दौरान एक क्रेटा कार वहां आकर रुकी। कार से कुछ लोग नीचे उतरे और मोनू से बातचीत करने लगे। कुछ देर बाद उसके साथ मारपीट की गई और कथित तौर पर उसे जबरन कार में बैठा लिया गया। इसके बाद कार वहां से निकल गई। मोनू के साथ मौजूद लोगों या आसपास के प्रत्यक्षदर्शियों को कुछ समझ में आता, इससे पहले ही कार मौके से चली गई।

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पुलिस ने शुरुआत में गंभीरता नहीं दिखाई

परिजनों का आरोप है कि मोनू के लापता होने के बाद उन्होंने पुलिस से लगातार उसकी तलाश करने की मांग की। परिवार का कहना है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए थी। परिजनों के मुताबिक, शुरुआती दौर में पुलिस की ओर से यह भी संभावना जताई जा रही थी कि मोनू खुद कहीं चला गया होगा। लेकिन परिवार लगातार इस बात पर जोर देता रहा कि उसे जबरन कार में बैठाकर ले जाया गया है।

घटनास्थल के आसपास दिखी छोटे भाई के ससुर की कार

जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि जिस समय मोनू को अगवा किया गया था, उस दौरान घटनास्थल के आसपास उसके छोटे भाई के ससुर नेम कुमार की कार देखी गई थी। इसके बाद पुलिस का शक गहराता गया। संदिग्ध कार को भी पुलिस ने कब्जे में लिया और आरोपियों से पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने कथित तौर पर पूरी वारदात की कहानी सामने आई। इसके बाद नेम कुमार और उसके रिश्तेदार पुनीत को गिरफ्तार कर लिया गया।

बेटी की मौत का बदला लेने के लिए हत्या का आरोप

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अनुराधा की मौत को लेकर उसके मायके पक्ष में ससुराल वालों के खिलाफ काफी नाराजगी थी। पुलिस के मुताबिक, नेम कुमार को शक था कि उसकी बेटी की मौत के लिए ससुराल पक्ष जिम्मेदार है। इसी रंजिश में मोनू को निशाना बनाने की बात सामने आई है। पुलिस का दावा है कि नेम कुमार ने अपने रिश्तेदार पुनीत के साथ मिलकर मोनू को अगवा करने की योजना बनाई।

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कार के अंदर ही शुरू कर दी थी पिटाई

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि मोनू को कार के अंदर ही पीटा गया था। इसके बाद दोनों उसे कौशांबी के महिला घाट के पास यमुना नदी के पुल तक ले गए। पुलिस के मुताबिक, सुनसान स्थान पर कार रोकने के बाद मोनू को नीचे उतारा गया। इसके बाद डंडे और पटरे से उसकी पिटाई की गई। आरोप है कि नेम कुमार ने उसके सिर पर पटरे से कई वार किए।

हत्या के बाद यमुना में फेंक दिया शव

मोनू की मौत के बाद आरोपियों ने शव को यमुना नदी में फेंक दिया। इसके बाद दोनों वहां से फरार हो गए। जिस स्थान पर शव फेंके जाने की बात सामने आई है, वह इलाका कौशांबी और चित्रकूट को जोड़ने वाले मार्ग के पास बताया जा रहा है। अब पुलिस नदी में मोनू के शव की तलाश कर रही है। शव बरामद होने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिससे मौत की परिस्थितियों और शरीर पर लगी चोटों की पुष्टि हो सकेगी।

बाकी कड़ियों की तलाश में पुलिस

पुलिस ने मामले में नेम कुमार और पुनीत को गिरफ्तार कर लिया है। अब दोनों से पूछताछ के आधार पर घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि मोनू के अपहरण की साजिश कब रची गई और आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए किन संसाधनों का इस्तेमाल किया। इस पूरे मामले में सबसे अहम कड़ी अब मोनू का शव है। शव मिलने के बाद पुलिस की जांच को और मजबूती मिलेगी। साथ ही अनुराधा की मौत और मोनू की हत्या के बीच की पूरी कड़ी भी सामने आने की उम्मीद है।

Location :  Prayagraj

Published :  26 August 2026, 3:28 PM IST

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