जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जोधपुर जेल से रिहा कर दिया गया। उनकी हिरासत रद्द किए जाने पर राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी पर धोखे का आरोप लगाया। जानिए हिरासत के पीछे की वजह और रिहाई की पूरी कहानी।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव (फोटो सोर्स गूगल)
Lucknow: केंद्र सरकार के तत्काल आदेश के बाद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार को जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर निकलते ही वांगचुक ने राहत की सांस ली है। उनके साथ इस पूरी प्रक्रिया में उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो मौजूद रहीं। जिन्होंने रिहाई के सभी औपचारिकताओं में उनका साथ दिया।
सोनम वांगचुक की हिरासत रद्द किए जाने पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन्हें जेल क्यों भेजा गया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें हिरासत में बिल्कुल नहीं जाना चाहिए था।
आगे सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि वांगचुक के आंदोलन को बीजेपी का भी समर्थन मिलना चाहिए। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि बीजेपी ने पहले आश्वासन दिया था कि वांगचुक को स्टेटहुड का पूरा दर्जा मिलेगा और सभी पावर मिलेंगी लेकिन बाद में उन्हें धोखा दिया गया। ऐसा करके भाजपा ने ना सिर्फ जनता को धोखा दिया है बल्कि वांगचुक के साथ भी गलत बरताव किया गया।
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सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को हिरासत में लिया गया था। यह लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद हुआ। इन विरोध-प्रदर्शनों में कुल 45 लोग जख्मी हुए थे। जिनमें 22 पुलिसकर्मी भी शामिल थे। वांगचुक को लेह के जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत हिरासत में लिया गया और फिर जोधपुर जेल भेजा गया।
सोनम वांगचुक इस अधिनियम के तहत निर्धारित हिरासत अवधि का करीब आधा समय पहले ही बिता चुके हैं। रातानाडा थाना प्रभारी दिनेश लखावत ने कहा कि केंद्र सरकार के आदेश के बाद वांगचुक को आज दोपहर करीब 1:30 बजे जेल से रिहा कर दिया गया। वहीं, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए यहां मौजूद थीं।