कांग्रेस सांसद के एल शर्मा ने अमेठी में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने मेला क्षेत्र में जमीन आवंटन पर आपत्ति जताई और नोटिस को लीगल बताया। पूर्वांचल अलग राज्य की मांग पर कहा कि छोटे राज्यों से विकास तेज होता है।

Amethi: कांग्रेस सांसद के एल शर्मा ने गुरुवार को अमेठी में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन उन्हें शंकराचार्य नहीं मानता, तो मेला क्षेत्र में उन्हें जमीन क्यों अलॉट की गई। सांसद ने सवाल उठाया कि “जब सब लोग उन्हें शंकराचार्य मान रहे हैं, तो प्रशासन उन्हें क्यों नहीं मान रहा। अगर वे अपने आप को सनातनी मानते हैं तो सनातनी ऐसा कार्य नहीं करते।” के एल शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि प्रयागराज मेला प्रशासन द्वारा भेजी गई दूसरी नोटिस लीगल है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जी भी इस मामले को लेकर कोर्ट में जाएंगे और यह बात उन्होंने स्वयं कही है। यह बयान स्थानीय प्रशासन और धार्मिक विवाद को लेकर चर्चा में आया है। सांसद ने बीजेपी नेताओं द्वारा पूर्वांचल को अलग प्रदेश बनाने की मांग पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केंद्र में उनकी अपनी पार्टी की सरकार है। अगर सरकार से किसी तरह की बात हुई है, तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि “जितना छोटा राज्य होगा, उतना ही उसका विकास बेहतर होगा।”
Amethi: कांग्रेस सांसद के एल शर्मा ने गुरुवार को अमेठी में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन उन्हें शंकराचार्य नहीं मानता, तो मेला क्षेत्र में उन्हें जमीन क्यों अलॉट की गई। सांसद ने सवाल उठाया कि “जब सब लोग उन्हें शंकराचार्य मान रहे हैं, तो प्रशासन उन्हें क्यों नहीं मान रहा। अगर वे अपने आप को सनातनी मानते हैं तो सनातनी ऐसा कार्य नहीं करते।” के एल शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि प्रयागराज मेला प्रशासन द्वारा भेजी गई दूसरी नोटिस लीगल है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जी भी इस मामले को लेकर कोर्ट में जाएंगे और यह बात उन्होंने स्वयं कही है। यह बयान स्थानीय प्रशासन और धार्मिक विवाद को लेकर चर्चा में आया है। सांसद ने बीजेपी नेताओं द्वारा पूर्वांचल को अलग प्रदेश बनाने की मांग पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केंद्र में उनकी अपनी पार्टी की सरकार है। अगर सरकार से किसी तरह की बात हुई है, तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि “जितना छोटा राज्य होगा, उतना ही उसका विकास बेहतर होगा।”