
मिर्जापुर में ग्रामीणों का अनोखा संघर्ष (Img: Dynamite News)
Mirzapur: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में रेलवे अंडरपास न होने की वजह से ग्रामीणों को रोजाना काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रामपुर-38 गांव के लोगों को सिर्फ 800 मीटर दूर स्थित बाजार या अस्पताल जाने के लिए लगभग 17 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। इस पुरानी समस्या के समाधान की मांग करते हुए ग्रामीणों ने 9 अक्टूबर को भूख हड़ताल शुरू की। जब यह मामला जिला मुख्यालय पहुंचा तो अधिकारियों ने दखल दिया; कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी।
यह मामला मिर्जीपुर के राजगढ़ डेवलपमेंट ब्लॉक में स्थित रामपुर-38 गांव से जुड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के पास रेलवे अंडरपास न होने से आने-जाने में बड़ी बाधा आती है। लूसा और सतेषगढ़ रेलवे स्टेशनों के बीच बसे इस इलाके के लोगों को बाजार और अस्पताल जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इस समस्या से छात्र, किसान, मरीज और अन्य ग्रामीण सभी प्रभावित हैं। जब किसी मरीज को जल्दी अस्पताल ले जाना हो, तो यह अतिरिक्त दूरी और भी ज़्यादा परेशानी वाली हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या आजादी के समय से ही बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।
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ग्रामीणों के अनुसार, इलाके में अभी रेलवे डबल-लाइनिंग का काम चल रहा है। इसलिए वे मांग कर रहे हैं कि निर्माण कार्य के दौरान ही किसी उपयुक्त जगह पर अंडरपास बनाया जाए ताकि भविष्य में निवासियों को इस परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी मांग के समर्थन में ग्रामीणों ने 9 अक्टूबर को भूख हड़ताल शुरू की थी। उनका कहना है कि पास के बाजारों और अस्पतालों तक पहुंचने के लिए इतनी लंबी दूरी तय करना सिर्फ़ सुविधा का मामला नहीं, बल्कि जरूरत है।
भूख हड़ताल की खबर जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हुई। डिविजनल कमिश्नर ने समस्या के समाधान पर चर्चा करने के लिए रेलवे अधिकारियों से संपर्क किया। यह पाया गया कि यह मामला डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM) के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसके बाद डिविजनल कमिश्नर ने DRM से बात की और भरोसा दिलाया कि समस्या को हल करने के लिए दो-तीन दिनों के अंदर कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों को यह भी भरोसा दिलाया गया कि बातचीत के जरिए स्थायी समाधान खोजने के लिए ग्राम सभा के प्रतिनिधियों जिला प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी।
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प्रशासन से मिले भरोसे के बाद ग्रामीणों ने सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) की मौजूदगी में अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी। अब सबकी नजरें रेलवे अधिकारियों और जिला प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हैं। उनकी मुख्य मांग कनेक्टिविटी और आवाजाही से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को हल करने के लिए डबल-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट के तहत एक अंडरपास का निर्माण है।
Location : Mirzapur
Published : 10 October 2026, 5:19 PM IST