राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत 21 जनवरी 2026 को महराजगंज में परिवहन विभाग द्वारा विशेष जांच अभियान चलाया गया। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में 48 स्कूली वाहनों की सघन जांच की गई। जांच के दौरान मानक पूरा न करने पर जनता इंटर कॉलेज पकड़ी नौनिया के एक वाहन सहित कुल 5 स्कूली वाहनों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई की गई।

गाड़ियों चेकिंग करते एआरटीओ
महराजगंज: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत 21 जनवरी 2026 को परिवहन विभाग द्वारा जनपद में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मानकविहीन वाहनों पर सख्त कार्रवाई करना रहा। इस दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में सड़क पर संचालित कुल 48 स्कूली वाहनों की सघन जांच की गई।
जांच अभियान के 21वें दिवस सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी द्वारा विभिन्न मार्गों पर चल रहे स्कूली वाहनों की फिटनेस, दस्तावेज, सुरक्षा मानक, चालक की योग्यता एवं वाहन में अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों की गहनता से जांच की गई। इस दौरान जनता इंटर कॉलेज पकड़ी नौनिया, महराजगंज का एक स्कूली वाहन बिना निर्धारित मानकों के छात्रों का परिवहन करते हुए पाया गया। वाहन में आवश्यक सुरक्षा मानकों के अभाव को गंभीरता से लेते हुए संबंधित वाहन के विरुद्ध तत्काल प्रवर्तन की कार्रवाई की गई।
इसके अतिरिक्त अभियान के दौरान विभिन्न कमियों एवं अभियोगों के तहत कुल 05 अन्य स्कूली वाहनों को भी चिह्नित किया गया, जो शासन द्वारा निर्धारित मानकों को पूर्ण नहीं कर रहे थे। इन वाहनों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत चालान एवं अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया कि सभी स्कूली वाहन निर्धारित मानकों को पूर्ण करने के उपरांत ही बच्चों के परिवहन में प्रयोग किए जाएं। साथ ही यह भी कहा गया कि चालक एवं परिचालक की योग्यता, वाहन की फिटनेस, आपातकालीन उपकरण, फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स एवं वाहन पर आवश्यक संकेत चिह्न अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में यदि कोई भी स्कूली वाहन बिना मानक के संचालित पाया गया तो संबंधित स्कूल प्रबंधन एवं वाहन स्वामी के विरुद्ध और अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग द्वारा यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।