सरकारी नौकरी के नाम पर बड़ा खेल, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से कैसे हो रही थी नकल? STF ने तोड़ा पूरा नेटवर्क

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों के नकल रैकेट की परतें उस वक्त खुल गईं, जब एसटीएफ ने सहायक बोरिंग टेक्नीशियन मुख्य परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल कराने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 13 July 2026, 6:39 AM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की सहायक बोरिंग टेक्नीशियन मुख्य परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल कराने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ ने वाराणसी और प्रयागराज में कार्रवाई करते हुए दो अभ्यर्थियों समेत कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चार माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, 11 मोबाइल फोन, दो प्रिंटर, दो प्रवेश पत्र, दो प्रश्नपत्र और दो ओएमआर शीट बरामद की गई हैं।

आरोपियों की गिरफ्तारी वाराणसी और प्रयागराज से हुई ।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान

1-कप्तान सिंह पटेल थाना बहरिया जनपद प्रयागराज

2-ओम प्रकाश पटेल थाना बहरिया जनपद प्रयागराज

3-राकेश कुमार पटेल हिन्द वाहिनी थाना सराय ममरेज, प्रयागराज

4-रविकान्त वर्मा थाना पट्टी जनपद प्रतापगढ़

5-धर्मेन्द्र कुमार सिंह थाना उतरांव जनपद प्रयागराज

6- लालता प्रसाद उर्फ गुड्डू थाना फूलपुर जनपद प्रयागराज

7-अनुज कुमार पाल थाना सोरांव जनपद प्रयागराज

8-शिव प्रकाश पटेल थाना उतरांव जनपद प्रयागराज

9-मनोज कुमार पुत्र शेर बहादुर निवासी नन्दा का पुरवा सराव देवराज थाना जेठवारा जनपद-प्रतापगढ

10- विपिन कुमार वर्मा जनपद प्रतापगढ. । (अभ्यर्थी)

11- धर्मेन्द्र कुमार थाना पट्टी जनपद प्रतापगढ (अभ्यर्थी)

12- चन्दर पुत्र राम थाना लालगंज जनपद प्रतापगढ

13- दीपक पटेल पुत्र शिवनाथ थाना पट्टी जनपद प्रतापगढ

वाराणसी के दो परीक्षा केंद्रों पर कार्रवाई

सहायक बोरिंग टेक्नीशियन मुख्य परीक्षा 12 जुलाई 2026 को लखनऊ, गाजियाबाद और वाराणसी में आयोजित की गई थी। परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए एसटीएफ की विभिन्न इकाइयों को निगरानी और खुफिया सूचना जुटाने के निर्देश दिए गए थे।

एसटीएफ को मुखबिर से सूचना मिली थी कि प्रयागराज में सक्रिय गिरोह मोटी रकम लेकर माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से अभ्यर्थियों को नकल करा रहा है। इसके बाद एसटीएफ की टीमों ने एंग्लो इंडियन मुस्लिम इंटर कॉलेज, लल्लापुरा और हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज, मैदागिन स्थित परीक्षा केंद्रों पर कार्रवाई की। साथ ही प्रयागराज के बहरिया थाना क्षेत्र के रामगढ़ कोठारी गांव में भी दबिश दी गई।

UP Local Poll: यूपी में ग्राम प्रधान बने रहेंगे प्रशासक या हटेंगे पद से, हाई कोर्ट का फैसला आज: जानिए कब होंगे पंचायत चुनाव

कपड़ों और कान में छिपाई गई थी डिवाइस

पूछताछ में सामने आया कि गिरोह अभ्यर्थियों के कपड़ों और कान में माइक्रो डिवाइस छिपाकर उन्हें परीक्षा केंद्र के भीतर भेजता था। परीक्षा शुरू होने के बाद प्रश्नपत्र गिरोह के सदस्यों तक पहुंचाया जाता था। इसके बाद गुप्त स्थान पर मौजूद सॉल्वर प्रश्नों के उत्तर तैयार कर फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से अभ्यर्थियों तक पहुंचाते थे।

एसटीएफ के मुताबिक, गिरफ्तार अभ्यर्थी धर्मेंद्र कुमार ने परीक्षा पास कराने के लिए 3.75 लाख रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर करने और 1.25 लाख रुपये नकद देने की बात कही है। वहीं अभ्यर्थी विपिन कुमार वर्मा ने पांच लाख रुपये नकद और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के नाम पर 25 हजार रुपये देने की जानकारी दी। सॉल्वरों को कथित तौर पर 20-20 हजार रुपये दिए जाते थे।

बलरामपुर में एक पल में उजड़ गया नवविवाहित जोड़ा, कमरे के अंदर का मंजर देख कांप उठे लोग

गिरोह का सरगना और एक अन्य आरोपी फरार

एसटीएफ ने कप्तान सिंह पटेल, ओमप्रकाश पटेल, राकेश कुमार पटेल, रविकांत वर्मा, धर्मेंद्र कुमार सिंह, लालता प्रसाद, अनुज कुमार पाल, शिव प्रकाश पटेल, मनोज कुमार, विपिन कुमार वर्मा, धर्मेंद्र कुमार, चंदर और दीपक पटेल को गिरफ्तार किया है।

कार्रवाई के दौरान गिरोह का कथित सरगना शिवजीत पटेल और राजेंद्र यादव उर्फ धीरेंद्र यादव भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गए। दोनों की तलाश की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ थाना सिगरा और कोतवाली वाराणसी में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

Location :  Lucknow

Published :  13 July 2026, 6:37 AM IST