झांसी में CM योगी की कथित एडिटेड तस्वीर पर बवाल! जानिए पूरी खबर

खबर झांसी के मोंठ से है, जहां सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कथित रूप से एडिट की गई तस्वीर पोस्ट किए जाने का मामला सामने आया है।

Updated : 25 October 2026, 7:17 PM IST

झांसी: खबर झांसी के मोंठ से है, जहां सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कथित रूप से एडिट की गई तस्वीर पोस्ट किए जाने का मामला सामने आया है। फेसबुक पर पोस्ट की गई तस्वीर को लेकर शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में राहुल यादव खोड़न झांसी नाम के फेसबुक अकाउंट का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि मुख्यमंत्री के चेहरे को डिजिटल तरीके से बदलकर किसी दूसरे व्यक्ति के चेहरे के साथ जोड़ते हुए तस्वीर पोस्ट की गई।

दहलीज तक पहुंचने का इंतजार

अब सवाल यह है कि सोशल मीडिया पर किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की तस्वीर के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद पुलिस कितनी गंभीरता दिखाती है? क्या पोस्ट की सत्यता की जांच होगी? क्या संबंधित फेसबुक अकाउंट की पहचान और पोस्ट के डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी? या फिर मामला शिकायत से आगे बढ़कर कार्रवाई की दहलीज तक पहुंचने का इंतजार ही करता रहेगा?

पोस्ट का स्क्रीनशॉट भी संलग्न

दरअसल, मोंठ क्षेत्र में सामने आई शिकायत के मुताबिक, 24 अक्टूबर को दोपहर करीब 12 बजे फेसबुक पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कथित रूप से एडिट की गई तस्वीर पोस्ट की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि तस्वीर में मुख्यमंत्री के चेहरे को डिजिटल रूप से बदलकर किसी अन्य व्यक्ति का चेहरा जोड़ा गया। शिकायत के समर्थन में पोस्ट का स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए जाने की बात कही गई है।

मामले को लेकर पुलिस से आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि फिलहाल सामने आई जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया है या नहीं, संबंधित अकाउंट संचालक से पूछताछ हुई है या किसी तरह की आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि की गई है।

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लेकिन यह मामला एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा करता है। सोशल मीडिया क्या अपनी बात कहने का मंच है या किसी की तस्वीर के साथ मनमाने तरीके से छेड़छाड़ कर उसे प्रसारित करने की खुली छूट? डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वायरल होने वाली हर तस्वीर सच नहीं होती, लेकिन किसी तस्वीर को एडिट करके प्रसारित करने के आरोप को भी बिना जांच के अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

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ऐसे मामलों में जरूरी है कि पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच करे, पोस्ट की प्रामाणिकता की पुष्टि करे और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कानून के मुताबिक कदम उठाए। साथ ही, किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले जांच और कानूनी प्रक्रिया का पालन भी उतना ही जरूरी है।

Location :  झांसी

Published :  25 October 2026, 7:01 PM IST