उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड के बीच मौसम बड़ा मोड़ लेने जा रहा है। IMD के अनुसार 22 से 26 जनवरी के बीच कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और ठंडी हवाओं की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से तापमान में गिरावट आएगी और गलन बढ़ेगी।

मौसम अपडेट (Img: Google)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में भीषण ठंड के बीच मौसम अब करवट लेने को तैयार है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश में लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, जिनका असर मैदानी इलाकों में साफ दिखाई देगा। इसके चलते कई जिलों में बादल छाने, बारिश होने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
मौसम में यह बदलाव सिर्फ तापमान को ही नहीं बल्कि आम जनजीवन और खेती-किसानी को भी प्रभावित कर सकता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 22 जनवरी से प्रदेश में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और 23 जनवरी को बारिश का पहला प्रभावी दौर शुरू हो सकता है। इस दौरान कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। 24 जनवरी तक यह सिलसिला जारी रह सकता है। बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी, वहीं न्यूनतम तापमान और ठंड में इजाफा होने से सुबह-शाम गलन बढ़ेगी।
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IMD ने पश्चिमी और मध्य यूपी के कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। इनमें सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर और संभल शामिल हैं।
इसके अलावा बरेली, पीलीभीत, बदायूं, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, कासगंज, फर्रुखाबाद, हरदोई, आगरा, औरैया, उन्नाव, कानपुर देहात और जालौन में भी बारिश की संभावना है। राजधानी लखनऊ समेत सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, अयोध्या, बस्ती, सुल्तानपुर, अमेठी, बहराइच और लखीमपुर खीरी में भी मौसम बिगड़ सकता है।
पहले चरण की बारिश के बाद भी राहत मिलने के आसार कम हैं। मौसम विभाग के अनुसार 26 जनवरी के आसपास पश्चिमी विक्षोभ का दूसरा दौर सक्रिय हो सकता है। गणतंत्र दिवस के समय कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और ठंडी हवाएं चल सकती हैं। बादल छाए रहने से धूप कम निकलेगी, जिससे ठंड और गलन और ज्यादा महसूस होगी।
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मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ इस बदलाव की मुख्य वजह है। इससे रबी की फसलों पर असर पड़ सकता है। अधिक बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि का भी खतरा बना रहेगा। आम लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें, खुले स्थानों पर बिजली गिरने के खतरे को गंभीरता से लें और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।