
यूपी में मानसून का तांडव (Img- Pinterest)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत और आफत दोनों एक साथ आने वाली है। राज्य में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है, जिसके चलते मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण पूरे उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में भारी बदलाव देखा जा रहा है, जिससे आने वाले दिन काफी संवेदनशील हो सकते हैं।
मौसम विभाग की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है। मुख्य रूप से नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, आगरा, मथुरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और देवरिया जैसे बड़े जिलों में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस दौरान 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है।
राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों की बात करें तो यहाँ दिन के समय आंशिक रूप से धूप खिली रहेगी और बादलों की आवाजाही का सिलसिला चलता रहेगा। दिन में उमस के कारण लोगों को भारी गर्मी का अहसास हो सकता है। लखनऊ का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
हालांकि, असली बदलाव शाम और रात के वक्त देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि रात के समय मानसून 90 प्रतिशत तक सक्रिय रहेगा, जिससे गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की पूरी उम्मीद है।
मौसम के इस बदले मिजाज को लेकर राहत की बात यह है कि यह केवल एक-दो दिन की बात नहीं है। IMD के अनुसार, 4 जुलाई से लेकर 10 जुलाई तक पूरे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।
विशेष रूप से 5 और 6 जुलाई को भी कई जिलों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद, 7 जुलाई से उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का एक नया और अधिक तीव्र दौर शुरू होने जा रहा है, जो अगले कुछ दिनों तक जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।
एक तरफ जहाँ भारी बारिश का अलर्ट है, वहीं दूसरी तरफ आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। इस साल मानसून के समय पर दस्तक देने के बावजूद उत्तर प्रदेश में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी यूपी में सामान्य के मुकाबले 52 प्रतिशत और पश्चिमी यूपी में 32 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है। कुल मिलाकर पूरे प्रदेश में औसत वर्षा का ग्राफ सामान्य से लगभग 45 प्रतिशत नीचे चल रहा है। यही वजह है कि मौसम विभाग इस आगामी स्पेल को खेती और जल स्तर के लिए बेहद महत्वपूर्ण मान रहा है।
Location : Lucknow
Published : 4 July 2026, 7:48 AM IST
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