
वस्त्र उद्योग उत्तर प्रदेश(सोर्स- Pinterest)
Lucknow: उत्तर प्रदेश की पहचान अब केवल एक परंपरागत राज्य के रूप में नहीं, बल्कि देश के सबसे बड़े औद्योगिक और वैश्विक वस्त्र केंद्र के तौर पर उभर रही है। राजधानी लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय ‘यूपी टेक्सटाइल्स कॉन्क्लेव-2026’ का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी का वास्तविक अर्थ ‘अल्टीमेट पोटेंशियल’ है। प्रदेश के पास अमिट विरासत, कुशल मानव संसाधन, मजबूत बुनियादी ढांचा और देश का सबसे बड़ा बाजार उपलब्ध है। सरकार का मुख्य लक्ष्य फाइबर से यार्न, यार्न से फैब्रिक, फैब्रिक से गारमेंट और गारमेंट से ब्रांड तक की पूरी वैल्यू चेन को उत्तर प्रदेश में ही विकसित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वस्त्र उद्योग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। वैदिक काल से लेकर रामायण और महाभारत तक में काशी के रेशमी वस्त्रों की महिमा का उल्लेख मिलता है। आज वाराणसी की सिल्क साड़ियां, भदोही के कारपेट, लखनऊ की विश्व प्रसिद्ध चिकनकारी, बरेली की जरी, कानपुर का टेक्सटाइल इकोसिस्टम और मेरठ में टेक्निकल टेक्सटाइल की बढ़ती संभावनाएं प्रदेश की ऐतिहासिक और औद्योगिक क्षमता का जीता-जागता प्रमाण हैं। वर्तमान में यह सेक्टर कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र बन चुका है। राज्य में दो लाख हैंडलूम और पांच लाख से अधिक पावरलूम बुनकर इस उद्योग की रीढ़ हैं। फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग में उत्तर प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है, जिसकी कुल उत्पादन में 13 से 14 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। पिछले छह वर्षों में वस्त्र, परिधान और हस्तशिल्प के निर्यात में 56 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे राज्य देश का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन गया है। अकेले गौतमबुद्ध नगर जिले ने वर्ष 2025-26 में 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निर्यात के साथ देश में दूसरा स्थान हासिल किया है।
कॉन्क्लेव के दौरान टेक्सटाइल सेक्टर को अभूतपूर्व गति देने के लिए 5,196 करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्तावों के एमओयू साइन किए गए। इसके अतिरिक्त, 163 करोड़ रुपये के लेटर ऑफ कम्फर्ट और 60 करोड़ रुपये की सब्सिडी का सीधा वितरण किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘यूपी टेक मित्र पोर्टल’ और ‘हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना’ का भी विधिवत शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2030 तक 350 बिलियन अमेरिकी डॉलर की टेक्सटाइल इकोनॉमी और 100 बिलियन डॉलर के निर्यात के राष्ट्रीय लक्ष्य में उत्तर प्रदेश अपनी पूरी ताकत के साथ योगदान दे रहा है। एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना के माध्यम से प्रदेश के 35 से अधिक जिलों के वस्त्र और हैंडलूम उत्पादों को वैश्विक पहचान मिली है, और 17 टेक्सटाइल उत्पादों को जीआई (GI) टैग भी प्राप्त हो चुका है।
पिछली सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ बन चुकी थी। अराजकता, दंगों और वसूली के आतंक के कारण उद्योगपति यहां निवेश करने से कतराते थे। आज वही उत्तर प्रदेश पूरी तरह दंगा, कर्फ्यू और माफिया मुक्त है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि किसी ने भी व्यापारी, बेटी या निवेशक की सुरक्षा में सेंध लगाने का दुस्साहस किया, तो उसकी केवल दो ही जगहें होंगी या तो जेल या जहन्नुम। बेहतर कानून-व्यवस्था और निवेशक-हितैषी नीतियों के कारण आज राज्य में 36 सेक्टोरल नीतियां लागू हैं। प्रदेश में देश का 55 प्रतिशत मोबाइल और 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्पादित हो रहा है। इसके साथ ही, डिफेंस कॉरिडोर और एमएसएमई के 12 प्लेज पार्क भी तेजी से आकार ले रहे हैं।
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वस्त्र उद्योग अब केवल पारंपरिक धागों और कपड़ों तक सीमित नहीं रहा है। डिफेंस, हेल्थकेयर, कृषि और स्पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में टेक्निकल टेक्सटाइल की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए पीएम मित्रा पार्क और संत कबीर टेक्सटाइल पार्क जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। वाराणसी, अमरोहा, बरेली, संतकबीरनगर और बिजनौर में भूमि आरक्षित की गई है, जबकि सीतापुर, मऊ, कानपुर, झांसी और रायबरेली में नए पार्कों के लिए जमीन चिह्नित की जा रही है। नोएडा को एक आधुनिक अपैरल सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार का विजन स्पष्ट है—एमएसएमई केवल सब-कॉन्ट्रैक्टर न बनकर ग्लोबल वैल्यू चेन के पार्टनर बनें, युवा जॉब सीकर के बजाय एंटरप्रेन्योर और इनोवेटर बनें तथा कारीगर सिर्फ सप्लायर न रहकर अपने ब्रांड के मालिक बनें। ‘डिजाइन इन यूपी, मेड इन यूपी और एक्सपोर्टेड फ्रॉम यूपी’ के मंत्र के साथ उत्तर प्रदेश ग्लोबल टेक्सटाइल मानचित्र पर अपनी अद्वितीय छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
Location : Lucknow
Published : 8 September 2026, 3:10 PM IST
Topics : Handloom and Powerloom Textile Industry UP UP Tech Mitra Portal UP Textiles Conclave 2026 Yogi Adityanath