सूरज बेकाबू, बिजली ‘गुमशुदा’: UP में करोड़ों फूंक कर भी नहीं आ रही लाइट, कहीं 17 दिन से अंधेरा तो कहीं रात में हाहाकार!

"ऊपर से सूरज की तपिश, नीचे से बिजली गुल और बीच में उबलती उत्तर प्रदेश की जनता! यूपी में बिजली की मांग 30,000 मेगावाट पार है, और सरकार जेब ढीली करके बाहर से बिजली खरीद रही है, फिर भी सिस्टम हांफ रहा है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 17 May 2026, 1:03 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच बिजली संकट गहरा गया है। राज्य में बिजली की मांग अपनी चरम सीमा (पीक डिमांड) पर पहुंच चुकी है, जिसने आपूर्ति व्यवस्था की कमर तोड़ दी है। गांवों से लेकर शहरों तक अघोषित कटौती और लो-वोल्टेज की वजह से हाहाकार मचा हुआ है। हालांकि, स्थिति को संभालने के लिए पावर कॉरपोरेशन (UPPCL) एनर्जी एक्सचेंज और अन्य राज्यों से लगातार अतिरिक्त बिजली खरीद रहा है, लेकिन भारी मांग के आगे यह प्रयास नाकाफ़ी साबित हो रहे हैं। इस संकट ने न सिर्फ लोगों की रात की नींद छीन ली है, बल्कि पेयजल संकट भी खड़ा कर दिया है।

इतनी बिजली खरीद रही सरकार

इस भीषण गर्मी में उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग पहली बार 30,000 मेगावाट के ऐतिहासिक स्तर के करीब पहुंच रही है। वहीं, राज्य के अपने उत्पादन स्रोतों और केंद्रीय कोटे को मिलाकर कुल उपलब्धता करीब 24,000 से 25,000 मेगावाट के आसपास ही सिमट रही है। मांग और आपूर्ति के इस 4,000 से 5,000 मेगावाट के भारी अंतर को पाटने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार प्रतिदिन करोड़ों रुपये खर्च करके 'रीयल टाइम मार्केट' (RTM) और 'डे अहेड मार्केट' से महंगी दरों पर अतिरिक्त बिजली खरीद रही है। बिजली की कमी को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में जहां 5 से 8 घंटे की अघोषित कटौती की जा रही है, वहीं कस्बों में ट्रिपिंग की समस्या गंभीर हो चुकी है।

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यूपी के इन जिलों में बिजली संकट से मचा त्राहि-त्राहि

प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आ रही तस्वीरें बेहद डराने वाली हैं, जहां लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं:

  • मिर्जापुर (18 लाख आबादी पानी को तरसी): मिर्जापुर में शहर से लेकर गांवों तक पिछले 24 घंटे से जारी भारी बिजली संकट के कारण करीब 18 लाख की आबादी पानी के संकट से जूझ रही है। बिजली न रहने से नलकूप ठप हैं, जिससे लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

  • अमेठी (17 दिनों से 100 पुरवे अंधेरे में): अमेठी जिले के लगभग 100 पुरवे (मजरे) पिछले 17 दिनों से लगातार बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। भयंकर गर्मी में आधे महीने से ज्यादा समय तक बिजली न मिलने से स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

  • सुल्तानपुर (100 गांवों का बुरा हाल): सुल्तानपुर के दूबेपुर और सदर तहसील के अंतर्गत आने वाले 100 से अधिक गांवों में बिजली गुल होने से ग्रामीण भीषण गर्मी से बेहाल हैं। पंखे और इनवर्टर पूरी तरह शोपीस बन चुके हैं।

  • एटा (रात में पावर सबस्टेशन पर हंगामा): एटा जिले में बिजली संकट से आजिज आकर सैकड़ों ग्रामीणों ने रात के समय ही बिजली उपकेंद्र (सबस्टेशन) का घेराव कर दिया। आक्रोशित जनता ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और वहां भारी हंगामा हुआ।

  • बरेली (नये सबस्टेशन की मांग): बरेली के मीरगंज इलाके में बिजली की भारी किल्लत और लो-वोल्टेज से परेशान होकर पूर्व प्रधान और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए तत्काल 33KV का नया सबस्टेशन बनाने की मांग उठाई है।

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बुंदेलखंड में सौर ऊर्जा से सुधरेगी स्थिति

बिजली के इस स्थायी संकट से निपटने के लिए सरकार भविष्य की योजनाओं पर भी काम कर रही है। इसी कड़ी में बांदा और बुंदेलखंड के अन्य हिस्सों में 2800 करोड़ रुपये की भारी लागत से पांच नए सोलर पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि इन सोलर पार्कों के पूरी तरह चालू होने के बाद क्षेत्र में बिजली की किल्लत काफी हद तक समाप्त हो जाएगी, लेकिन फिलहाल तात्कालिक राहत न मिलने से जनता बेहद परेशान है।

Location :  Lucknow

Published :  17 May 2026, 1:03 PM IST