साहब ने सस्पेंड तो किया, पर इंसाफ कब? मिर्जापुर में आदिवासी मरीज की बेबसी, हॉस्पिटल के सिस्टम पर उठे सवाल

मिर्जापुर के मेडिकल कॉलेज के डिविजनल हॉस्पिटल में एक आदिवासी मरीज से सर्जरी के बदले पैसे वसूलने का वीडियो वायरल होने पर ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. राजकुमार भारती को सस्पेंड कर दिया गया है। विभागीय कार्रवाई में देरी से नाराज पीड़ित ने जिला मजिस्ट्रेट से न्याय की गुहार लगाई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 11 July 2026, 2:18 PM IST

Mirzapur: मिर्जापुर मेडिकल कॉलेज से जुड़े डिविजनल हॉस्पिटल में सर्जरी के लिए कथित तौर पर पैसे मांगने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कार्रवाई में देरी से परेशान होकर, आदिवासी (मुसहर) समुदाय के एक पीड़ित ने शनिवार को जिला मजिस्ट्रेट के दफ्तर जाकर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए पीड़ित ने आरोप लगाया कि हालांकि जांच शुरू हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

सर्जरी के लिए पैसे मांगने का आरोप

पीड़ित का आरोप है कि डिविजनल हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. राजकुमार भारती ने सर्जरी करने के बहाने उससे पैसे लिए। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद, उसे इलाज के लिए पैसे देने पड़े। बाद में, इस घटना का एक वीडियो सामने आया; वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया।

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वीडियो वायरल होने के बाद जांच शुरू

वीडियो सामने आने पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संजीव कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया और डॉ. राजकुमार भारती को उनकी OPD और सर्जरी से जुड़ी ड्यूटी से सस्पेंड कर दिया। पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए। हालांकि, पीड़ित का कहना है कि जांच शुरू होने के बावजूद, अभी तक कोई अंतिम कार्रवाई नहीं हुई है।

जिला मजिस्ट्रेट से न्याय की गुहार

कार्रवाई में देरी से परेशान होकर, आदिवासी पीड़ित ने पूरी घटना की शिकायत करने के लिए ज़िला मजिस्ट्रेट के दफ्तर का रुख किया। उसने मांग की कि अगर दोषी पाया जाता है, तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में दूसरे मरीजों के साथ ऐसी घटनाएं न हों।

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अधिकारियों पर गंभीर आरोप

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ विभागीय अधिकारी संबंधित डॉक्टर को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे जांच प्रक्रिया में देरी हो रही है। उसने कहा कि अगर समय पर और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो गरीब और जरूरतमंद मरीजों का स्वास्थ्य सेवा प्रणाली से भरोसा उठ सकता है।

फिलहाल, यह मामला मेडिकल कॉलेज से जुड़े डिविजनल हॉस्पिटल का है और जांच चल रही है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग क्या कदम उठाएंगे।

Location :  Mirzapur

Published :  11 July 2026, 2:18 PM IST