
मदरसों में क्यों मनाई जाएगी कलाम जयंती?
Lucknow : उत्तर प्रदेश के मदरसों में 15 अक्टूबर को पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती मनाई जाएगी। इस मौके पर विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक और नवाचार के प्रति प्रेरित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है। अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर प्रदेश के सभी मदरसों में आयोजन कराने के निर्देश दिए हैं।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के सभी मदरसों में विद्यार्थियों को उनके जीवन, संघर्ष और वैज्ञानिक उपलब्धियों से परिचित कराया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कराने को कहा है। इन आयोजनों के जरिए विद्यार्थियों को डॉ. कलाम के विचारों और देश के विकास में उनके योगदान के बारे में जानकारी दी जाएगी।
कलाम जयंती पर मदरसों में विभिन्न शैक्षणिक और प्रेरक गतिविधियां आयोजित करने की तैयारी है। इनमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रदर्शनियां, संगोष्ठियां और विद्यार्थियों को प्रेरित करने वाले कार्यक्रम शामिल हैं।
विज्ञान प्रदर्शनियों के माध्यम से छात्रों की तकनीकी रुचि को बढ़ावा देने और उनकी रचनात्मक क्षमता को सामने लाने पर जोर रहेगा। वहीं, संगोष्ठियों में डॉ. कलाम के जीवन संघर्ष, उनकी उपलब्धियों और देश के विकास में उनके योगदान पर चर्चा की जाएगी।
डॉ. कलाम का जीवन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है। साधारण परिवार से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने और वैज्ञानिक के रूप में पहचान बनाने वाले कलाम ने शिक्षा, मेहनत और बड़े सपने देखने का संदेश दिया था।
मदरसों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक और आधुनिक शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों में नई चीजें सीखने की जिज्ञासा बढ़ाना और उन्हें देश की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम में हुआ था। वह भारत के 11वें राष्ट्रपति रहे और देश के मिसाइल एवं अंतरिक्ष कार्यक्रमों में उनके योगदान के लिए विशेष रूप से याद किए जाते हैं। विद्यार्थियों के प्रति उनके लगाव के कारण 15 अक्टूबर को विश्व विद्यार्थी दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
उत्तर प्रदेश के मदरसों में इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को डॉ. कलाम के विचारों से जोड़ने और शिक्षा के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
Location : Lucknow
Published : 14 October 2026, 2:16 PM IST