120 की रफ्तार और कुछ मिनटों का सफर: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का तोहफा, पर टोल टैक्स सुनकर उड़ जाएंगे होश

लगभग 63 किलोमीटर लंबा, 6-लेन वाला लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे आम जनता के लिए खुल गया है, जिससे दोनों शहरों के बीच का सफर महज 45-50 मिनट का रह जाएगा। हालांकि, इसका टोल 275 रुपये तय किया गया है, जो देश में सबसे महंगा है। एक्सप्रेसवे पर बिना टोल प्लाजा के 'एएनपीआर' तकनीक से ऑटोमैटिक टोल टैक्स कटेगा।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 14 July 2026, 1:33 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश में मंगलवार को एक और आधुनिक एक्सप्रेसवे का तोहफा मिला। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को आम जनता के लिए खोल दिया गया है, जिससे इन दो बड़े शहरों के बीच का सफर पहले की तुलना में काफी तेज और आसान हो गया है। लगभग 63 किलोमीटर लंबे, छह-लेन वाले और एक्सेस-कंट्रोल्ड इस एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां 120 किमी/घंटा तक की रफ्तार से चल सकती हैं। इसके उद्घाटन के साथ ही, अब लखनऊ और कानपुर के बीच का सफर लगभग 45 से 50 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।

प्रति किलोमीटर सबसे ज्यादा शुल्क

एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ ही इसकी टोल दरें चर्चा का विषय बन गई हैं। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा जारी दरों के अनुसार, कारों, जीपों और वैन के लिए एक तरफ का टोल 275 रुपये तय किया गया है। यह लगभग 4.37 प्रति रुपये किलोमीटर बैठता है, जिसे देश के प्रमुख एक्सप्रेसवे में सबसे ज्यादा माना जा रहा है।

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यहां प्रति किलोमीटर टोल शुल्क दिल्ली-देहरादून, मुंबई-पुणे, गंगा, यमुना, आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की तुलना में काफी ज्यादा है। यह दर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की तुलना में दोगुनी से भी ज्यादा है।

बिना टोल प्लाजा के वसूली

इस एक्सप्रेसवे की एक खास बात इसका बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम है। इस रूट पर पारंपरिक टोल प्लाज़ा नहीं बनाए गए हैं। FASTag (RFID) और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक का इस्तेमाल करके चलती गाड़ियों से टोल शुल्क अपने आप कट जाएगा। इससे गाड़ियों को रुकने की ज़रूरत नहीं पड़ती और बिना किसी रुकावट के सफर पूरा किया जा सकता है।

AI-आधारित सुरक्षा प्रणालियों से लैस रूट

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को एक आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा गया है। इस रूट पर 80 से ज्यादा हाई-डेफिनिशन कैमरे, 16 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम और स्पीड रडार लगाए गए हैं। किसी दुर्घटना या आपातकालीन स्थिति में, राहत और बचाव टीमें 15 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच सकेंगी।

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कई जिलों को सीधा फायदा

लगभग 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन सोमवार को उन्नाव के झाऊखेड़ा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया। यह प्रोजेक्ट लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई, अयोध्या और सुल्तानपुर समेत कई जिलों के लोगों को तेज और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी देगा। इसके अलावा, इसे कानपुर-लखनऊ और उन्नाव-लालगंज हाईवे से भी जोड़ा गया है, जिससे इस इलाके में कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

Location :  Lucknow

Published :  14 July 2026, 1:33 PM IST