देवरिया में करोड़ों की चिटफंड ठगी का पर्दाफाश, दो लोगों की गिरफ्तारी ने खोले कई राज

देवरिया के गौरीबाजार में चिटफंड कंपनी की आड़ में करीब 250 लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले पति-पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 12 January 2026, 4:34 PM IST

Deoria: देवरिया जनपद में चिट फंड कंपनी की आड़ में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को गौरीबाजार पुलिस ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोप है कि अभियुक्तों ने करीब 250 जमाकर्ताओं से करोड़ों रुपये जमा कराकर फरार हो गए थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाताओं के अनुसार, पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देश पर जनपद में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनंद कुमार पाण्डेय के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर हरिराम यादव के पर्यवेक्षण में थाना गौरीबाजार पुलिस ने इस मामले में नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।

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गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अनिता देवी पत्नी इद्रासन यादव और इद्रासन यादव पुत्र पूर्णवासी यादव, निवासी कालाबन, थाना गौरीबाजार, जनपद देवरिया के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को मुखबिर की सूचना पर 12 जनवरी 2026 को खरोह चौराहे के पास से गिरफ्तार किया।

क्या था पूरा मामला

इस संबंध में 27 सितंबर 2025 को गौरीबाजार थाने में वादी रामसमुझ यादव निवासी लबकनी, थाना गौरीबाजार ने तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी। वादी ने बताया कि "आस्था लाइफ रियलिटीज लिमिटेड" नाम की एक रजिस्टर्ड कंपनी गौरीबाजार-हाटा रोड पर संचालित थी, जिसके संचालक उक्त दोनों अभियुक्त थे। कंपनी ने आकर्षक योजनाओं का झांसा देकर वादी समेत करीब 250 लोगों से निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये जमा कराए।

शिकायत के अनुसार, कंपनी संचालकों ने भरोसा दिलाया था कि निवेश की गई रकम पर तय समय में अच्छा मुनाफा मिलेगा, लेकिन कुछ समय बाद कार्यालय बंद कर दोनों आरोपी फरार हो गए। जब निवेशकों ने संपर्क करने की कोशिश की तो कोई जवाब नहीं मिला, जिससे ठगी का खुलासा हुआ।

इस मामले में थाना गौरीबाजार पुलिस ने मुकदमा संख्या 434/2025 धारा 316(2), 318(4), 316(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई थीं, जो लगातार दबिश दे रही थीं।

पुलिस की सख्त कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि ठगी की रकम कहां-कहां निवेश या खर्च की गई। साथ ही, यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस ठगी में कोई और व्यक्ति या नेटवर्क शामिल तो नहीं है। पीड़ितों की संख्या और रकम को देखते हुए पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

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गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम

इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक राहुल कुमार सिंह, उपनिरीक्षक महेन्द्र प्रताप चौधरी, कांस्टेबल मुमताज अंसारी, कांस्टेबल सुरजीत यादव और कांस्टेबल लीलावती शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने कहा कि आम जनता की मेहनत की कमाई से धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। ऐसे अपराधों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Location : 
  • Deoria

Published : 
  • 12 January 2026, 4:34 PM IST