थाना रामगढ़ताल पुलिस ने धोखाधड़ी के एक संगठित तरीके का खुलासा करते हुए एटीएम मशीन में नकली नोट जमा करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई…पढिए पूरी खबर

Gorakhpur: थाना रामगढ़ताल पुलिस ने धोखाधड़ी के एक संगठित तरीके का खुलासा करते हुए एटीएम मशीन में नकली नोट जमा करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई, जिसका उद्देश्य आर्थिक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
क्या है पूरी घटना?
पुलिस के अनुसार, एक्सिस बैंक तारामंडल शाखा के ऑपरेशन हेड द्वारा 25 मार्च 2026 को थाना रामगढ़ताल में तहरीर दी गई थी। शिकायत में बताया गया कि खाताधारक अभिषेक शुक्ला ने 20 मार्च को एटीएम की कैश डिपॉजिट मशीन (CDM) के माध्यम से पांच नकली नोट जमा किए थे। बैंक की जांच में नोट फर्जी पाए गए, जिसके बाद मामला गंभीर हो गया और तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया।
केस दर्ज कर विवेचना शुरू
इस प्रकरण में थाना रामगढ़ताल पर मु0अ0सं0 181/2026 धारा 179 व 61(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना के आधार पर मुख्य आरोपी अभिषेक शुक्ला के साथ उसके सहयोगी आशुतोष त्रिपाठी को भी चिन्हित किया।
बैंकिंग व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया
शनिवार को पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को उनके ठिकानों से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों में अभिषेक शुक्ला निवासी रानीबाग बड़गो और आशुतोष त्रिपाठी निवासी भगत चौराहा न्यू कॉलोनी शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि दोनों आरोपी मिलकर एटीएम मशीन के जरिए नकली नोट सिस्टम में डालने का प्रयास कर रहे थे, जिससे बैंकिंग व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया जा सके।
आपराधिक इतिहास और नेटवर्क की गहन जांच
पूछताछ में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त रहे हो सकते हैं। पुलिस अब उनके आपराधिक इतिहास और नेटवर्क की गहन जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
इस सफल कार्रवाई में उपनिरीक्षक आशुतोष कुमार राय, उपनिरीक्षक उपेंद्र कुमार निर्मल तथा हेड कांस्टेबल हृदयेश कुमार सिंह की टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई जारी है और इस तरह के आर्थिक अपराधों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी