
परिषदीय स्कूलों की बदलेगी सूरत (IMG: AI Generated)
Lucknow: उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए बड़ी खबर है। जिन स्कूलों में बच्चे जर्जर दीवारों, खराब कमरों और पुराने भवनों के बीच पढ़ाई करने को मजबूर थे, अब उनकी तस्वीर बदलने वाली है। बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 3126 परिषदीय और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए 604 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है। इस योजना के तहत विभाग ने 302 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी कर दी है। अब संबंधित विद्यालयों में जल्द ही निर्माण और मरम्मत का काम शुरू कराया जाएगा।
समग्र शिक्षा के तहत प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए यह राशि जारी की गई है। इसमें खराब और जर्जर हो चुके भवनों की जगह जरूरत के मुताबिक नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा। वहीं जिन स्कूल भवनों की मरम्मत संभव है, वहां मानकों के अनुसार जरूरी काम कराया जाएगा। इस पूरी योजना के तहत 2243 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों और 883 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को शामिल किया गया है।
विभाग की योजना के मुताबिक प्रत्येक परिषदीय प्राथमिक विद्यालय पर करीब 15.36 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रदेश के 2243 प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए कुल 344.52 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसमें से पहली किश्त के रूप में 172.26 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। अब स्कूलों में निर्माण कार्य शुरू कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। निर्माण के दौरान विद्यालय भवन की स्थिति और जरूरत के हिसाब से मरम्मत या पुनर्निर्माण का काम कराया जाएगा।
इसी तरह प्रदेश के 883 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए भी बड़ी राशि निर्धारित की गई है। प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय की मरम्मत और पुनर्निर्माण पर करीब 29.44 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इन 883 विद्यालयों के लिए कुल 259.95 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इसकी पहली किश्त के तौर पर 129.97 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
प्रदेश के कई परिषदीय विद्यालयों में पुराने भवन लंबे समय से परेशानी का कारण बने हुए हैं। कहीं दीवारों में दरारें हैं तो कहीं छत और कमरों की हालत खराब है। ऐसे भवनों में बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी सुरक्षा भी चिंता का विषय रहती है। इसी समस्या को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने बड़े स्तर पर स्कूलों के पुनर्निर्माण और मरम्मत की योजना बनाई है।
स्कूलों में होने वाले निर्माण और मरम्मत कार्य की निगरानी भी की जाएगी। इसके लिए जिला और राज्य स्तर पर गठित कमेटियों की देखरेख में काम कराया जाएगा। निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार कराने पर जोर रहेगा। पहली किश्त जारी होने के बाद अब संबंधित स्तर पर निर्माण कार्य शुरू कराने की प्रक्रिया तेज होगी। विभाग की ओर से यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी कि निर्धारित धनराशि का इस्तेमाल स्कूल भवनों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार किया जाए।
Location : Lucknow
Published : 25 August 2026, 2:13 PM IST
Topics : government schools School Reconstruction School Renovation UP Basic Education Uttar Pradesh News