गोरखपुर में बैंक खाते से 75 लाख का फ्रॉड, बैंककर्मी समेत तीन आरोपी गिरफ्तार… ऐसे रचा गया ठगी का पूरा खेल

गोरखपुर में बैंक खाते के दुरुपयोग और साइबर फ्रॉड के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। रामगढ़ताल पुलिस और साइबर सेल ने बैंककर्मी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 9 August 2026, 10:53 PM IST

Gorakhpur : साइबर अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन अब पुलिस भी इनके खिलाफ तेजी से कार्रवाई कर रही है। गोरखपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक बैंककर्मी पर ग्राहक का भरोसा जीतकर उसके बैंक खाते और दस्तावेजों का कथित दुरुपयोग कर लाखों रुपये के फर्जी लेनदेन का आरोप लगा है। रामगढ़ताल पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने इस मामले में तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक इस पूरे खेल में करीब 75 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन की बात सामने आई है। आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

बैंक सेवाओं के नाम पर लिया भरोसा

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में हरीश कुमार सिंह, सुशांत विश्वकर्मा और विनय साहनी शामिल हैं। हरीश कुमार सिंह संतकबीरनगर के बखिरा का रहने वाला है और वर्तमान में गोरखपुर के तारामंडल स्थित बंधन बैंक में कार्यरत बताया गया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार साल 2023 में हरीश के लगातार अनुरोध करने पर उसने अपनी फर्म के नाम से बैंक खाता खुलवाया था। बाद में बैंक की सेवाओं से असंतुष्ट होकर खाता बंद करने के लिए आवेदन भी दिया गया था। आरोप है कि इसके बाद साल 2025 में हरीश ने बेहतर बैंकिंग सुविधा देने का भरोसा दिलाकर दोबारा दस्तावेज लिए और फर्म के नाम से खाता खुलवाया।

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वाहन लोन के बहाने लिए दस्तावेज

पुलिस के अनुसार अप्रैल 2026 में शिकायतकर्ता ने वाहन ऋण की जानकारी मांगी थी। इस दौरान उससे आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत कई दस्तावेज लिए गए। हालांकि अधिक ईएमआई होने के कारण वाहन खरीदने का फैसला रद्द कर दिया गया।

आरोप है कि इसके बाद मई 2026 में हरीश शिकायतकर्ता की जानकारी के बिना उसके खाते से जुड़ा सिम कार्ड भी अपने साथ ले गया। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़कर जांच कर रही है कि खाते का इस्तेमाल किस तरह और किन लोगों के जरिए किया गया।

राजस्थान से मिला 75 लाख के संदिग्ध लेनदेन का सुराग

मामले का खुलासा तब हुआ जब 27 जून 2026 को शिकायतकर्ता को राजस्थान से उसके बैंक खाते में हुए संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जानकारी मिली। जांच में पता चला कि खाते में करीब 75 लाख रुपये की रकम आई थी, जिसे अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था।

इसके बाद पीड़ित की शिकायत पर रामगढ़ताल थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की है।

साइबर सेल और रामगढ़ताल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक निरीक्षक श्यामानंद राय के नेतृत्व में रामगढ़ताल थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। फिलहाल पुलिस बरामद मोबाइल फोन, डिजिटल साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

Location :  Gorakhpur

Published :  9 August 2026, 10:53 PM IST