देवीपाटन मंडल के युवाओं के बीच गूँजेगी सारंगी की मधुर तान, पढ़ें पूरी खबर

01 से 05 मई तक देवीपाटन मंडल के चार जिलों बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती और गोण्डा में सारंगी वादन की सुरमयी गूँज सुनाई देगी। इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया के दौर में युवाओं को अपनी शास्त्रीय संगीत की जड़ों से रूबरू कराना है।

Updated : 29 April 2026, 9:25 PM IST
Balrampur: उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी के दिलों में उतारने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश संस्कृति मंत्रालय, भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय और अंतरराष्ट्रीय संस्था स्पिक मैके के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 01 से 05 मई तक देवीपाटन मंडल के चार जिलों बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती और गोण्डा में सारंगी वादन की सुरमयी गूँज सुनाई देगी। इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया के दौर में युवाओं को अपनी शास्त्रीय संगीत की जड़ों से रूबरू कराना है।

क्या है पूरी खबर?

इस सांस्कृतिक यात्रा की मुख्य आकर्षण देश की प्रख्यात सारंगी वादक विदुषी गौरी बनर्जी सती होंगी। वह इन चार दिनों के भीतर मंडल के 08 विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी। कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए स्पिक मैके के ग्रुप कोऑर्डिनेटर लेफ्टिनेंट डॉ. देवेन्द्र कुमार चौहान ने बताया कि यह प्रयास केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि एक 'व्याख्यान-सह-प्रस्तुति' मॉडल है, जहाँ कलाकार छात्रों से सीधा संवाद कर उन्हें संगीत की बारीकियों और इसके नैतिक महत्व के बारे में बताएंगे।

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5 मई को बलरामपुर में इसका समापन

डॉ. चौहान के अनुसार, पूरे उत्तर प्रदेश में ऐसे 500 कार्यक्रमों की विशाल श्रृंखला चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रतिष्ठित कलाकार विद्यालयों में जाकर भारतीय सभ्यता की अलख जगा रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत 01 मई को बहराइच से होगी, जिसके बाद 02 मई को श्रावस्ती, 04 मई को गोण्डा और अंत में 05 मई को बलरामपुर में इसका समापन होगा।

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कलाओं को भी एक नया जीवन

डॉ. नीरजा शुक्ला के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शिवम चौहान और माण्डवी तिवारी की टीम पूरी तरह सक्रिय है। इस अनूठी पहल से न केवल छात्रों का सांस्कृतिक विकास होगा, बल्कि लुप्त होती वाद्य कलाओं को भी एक नया जीवन मिलेगा।

Location :  Balrampur

Published :  29 April 2026, 9:25 PM IST