महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर सख़्त कार्रवाई के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए गोरखपुर पुलिस को एक बड़ी कानूनी सफलता हाथ लगी है। वर्ष 2020 में थाना गोला में दर्ज छेड़खानी और पाक्सो एक्ट से जुड़े एक गंभीर मामले में कठोर सजा…पढिए पूरी खबर

20 साल की कठोर सज़ा
गोरखपुर: महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर सख़्त कार्रवाई के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए गोरखपुर पुलिस को एक बड़ी कानूनी सफलता हाथ लगी है। वर्ष 2020 में थाना गोला में दर्ज छेड़खानी और पाक्सो एक्ट से जुड़े एक गंभीर मामले में मा० न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सज़ा सुनाई है। यह फैसला उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत प्रभावी पैरवी का परिणाम माना जा रहा है।
क्या है पूरी खबर?
मिली जानकारी के अनुसार, थाना गोला, जनपद गोरखपुर में पंजीकृत मु0अ0सं0 86/2020 अंतर्गत धारा 354(ख) भारतीय दंड संहिता एवं धारा 6 पाक्सो एक्ट के तहत अभियुक्त मोनू पुत्र भूखल, निवासी भरसी बुजुर्ग, थाना गोला, पर गंभीर आरोप दर्ज किए गए थे। मामले की विवेचना के बाद पुलिस द्वारा ठोस साक्ष्य संकलित कर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
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अभियुक्त को दोषी करार देते हुए कठोर सज़ा
पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा अपराधों में दोषसिद्धि की दर बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के क्रम में पुलिस उप महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, गोरखपुर के निर्देशन में थाने के पैरोकार एवं मॉनिटरिंग सेल ने इस प्रकरण की निरंतर निगरानी की। प्रभावी, तथ्यपरक और सशक्त पैरवी के चलते मा० न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश, पाक्सो कोर्ट संख्या–04, जनपद गोरखपुर ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए कठोर सज़ा सुनाई।
न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट संदेश दिया कि नाबालिगों और महिलाओं के विरुद्ध अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और ऐसे अपराधियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाएगी। यह निर्णय समाज में कानून के प्रति विश्वास को मज़बूत करने वाला तथा अपराधियों के लिए चेतावनी स्वरूप माना जा रहा है।
उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (ADGC) श्री संजीत कुमार शाही एवं विशेष लोक अभियोजक (SPP) श्री उमेश मिश्रा का महत्वपूर्ण और अमूल्य योगदान रहा, जिनकी सशक्त दलीलों और कानूनी दक्षता से अभियुक्त को सज़ा दिलाने में सफलता मिली। गोरखपुर पुलिस ने इस निर्णय को न्याय की जीत बताते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और प्रभावी पैरवी के माध्यम से अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा, ताकि समाज में भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।