जिसको ढूंढा वेस्ट यूपी से लेकर रूड़की तक, वो बदायूं की गलियों में मिली, Mothers Day पर 25 दिन बाद मां से मिली लापता बेटी

मदर्स डे के मौके पर बदायूं पुलिस ने तत्परता की मिसाल पेश करते हुए 25 दिन से लापता गाजियाबाद की 15 वर्षीय किशोरी को उसकी मां से मिलाया। सड़क किनारे मिली किशोरी को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया और जांच के बाद लोनी पुलिस से संपर्क कर परिवार तक पहुंचाया। मां-बेटी के मिलन से परिवार में खुशी का माहौल है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 10 May 2026, 11:40 PM IST

Badaun: मदर्स डे के मौके पर बदायूं पुलिस ने एक ऐसा काम किया जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। करीब 25 दिन से अपने परिवार से बिछड़ी गाजियाबाद की 15 वर्षीय किशोरी को पुलिस ने उसकी मां से मिलाकर परिवार की खुशियां लौटा दीं। यह पूरा मामला थाना सिविल लाइन क्षेत्र का है, जहां पुलिस टीम संदिग्ध व्यक्ति और वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान रहमुद्दीननगर से धमई जाने वाले रास्ते पर सड़क किनारे एक किशोरी बैठी दिखाई दी। लड़की डरी-सहमी हालत में थी और उसके पैर व पीठ में दर्द की शिकायत थी।

पुलिस ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए किशोरी को जिला अस्पताल बदायूं में भर्ती कराया। पूछताछ में उसने अपना नाम समरीन पुत्री इस्लाम निवासी थाना लोनी, गाजियाबाद बताया। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की।

एक महिला ने किया बहन होने का दावा

अगले दिन एक महिला चौकी शेखूपुर पहुंची और दावा किया कि सड़क किनारे मिली लड़की उसकी बहन कनक है। लेकिन जब पुलिस ने दोनों के बयान लिए तो कई बातें मेल नहीं खा रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक सिविल लाइन ने तुरंत जांच तेज कर दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन और ऑपरेशन मुस्कान अभियान के तहत पुलिस टीम ने किशोरी और महिला से अलग-अलग पूछताछ की।

पूछताछ में किशोरी ने अपनी असली पहचान समरीन पुत्री इस्लाम बताई, जबकि महिला ने खुद को सीमा पत्नी गिरीश यादव बताया। सीमा ने पुलिस को बताया कि समरीन उसे करीब एक माह पहले आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर मिली थी। लड़की ने कहा था कि उसके पिता नहीं हैं और वह अपने परिवार के बारे में कुछ बताने से मना करती थी। इसी वजह से वह उसे अपने साथ घर ले आई और बेटी की तरह रखने लगी।

लोनी पुलिस से संपर्क के बाद खुली सच्चाई

प्रभारी निरीक्षक सिविल लाइन ने जब थाना लोनी गाजियाबाद से संपर्क किया तो पता चला कि समरीन 15 अप्रैल 2026 से लापता थी। उसकी मां मैनाज ने थाना लोनी में बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी और लगातार उसकी तलाश कर रही थीं। मां ने पुलिस को बताया कि वह मेरठ, सहारनपुर, रूड़की समेत कई जगहों पर बेटी को ढूंढ चुकी हैं। सूचना मिलने के बाद लोनी थाना पुलिस की टीम और समरीन की मां बदायूं पहुंचीं। थाना सिविल लाइन में जैसे ही मां और बेटी आमने-सामने आए, दोनों भावुक हो उठीं। मां-बेटी ने एक-दूसरे को पहचान लिया।

पुलिस की संवेदनशीलता की हो रही सराहना

महिला थाना प्रभारी की मौजूदगी में सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद किशोरी को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया। करीब 25 दिन बाद बेटी के वापस मिलने से परिवार में खुशी का माहौल है। समरीन के परिजनों ने बदायूं पुलिस की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील रवैये की जमकर सराहना की है। मदर्स डे पर मां और बेटी के इस मिलन ने ऑपरेशन मुस्कान अभियान को एक नई पहचान दे दी।

Location :  Badaun

Published :  10 May 2026, 11:39 PM IST